
अल्मोड़ा। शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिवस पर दुर्गा महोत्सव समिति, माल रोड–चौघानपाटा–जोशीखोला–थपलिया जोड़, अल्मोड़ा की ओर से भव्य कलश यात्रा का आयोजन श्रद्धा, उत्साह एवं भक्तिमय वातावरण में किया गया। कलश यात्रा में क्षेत्र के बुजुर्गों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर माँ भगवती के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। माता रानी के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
कलश यात्रा का शुभारंभ मुख्य पंडाल से हुआ इसके पश्चात यात्रा श्रद्धा और उत्साह के साथ सिद्धिनौला पहुँची, जहाँ विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर माँ भगवती का स्मरण किया गया तथा समस्त समाज की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की गई। पूजा-अर्चना के उपरांत कलश यात्रा मुख्य बाजार से होते हुए पुनः मुख्य पंडाल पहुँची। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
दुर्गा महोत्सव समिति विगत नौ वर्षों से निरंतर नवरात्रि महोत्सव का आयोजन करती आ रही है। समिति का उद्देश्य धार्मिक आस्था को मजबूत करने के साथ-साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत एवं परंपराओं का संरक्षण करना और समाज में आपसी प्रेम, सहयोग, सद्भाव तथा एकता की भावना को बढ़ावा देना है।
कलश यात्रा में सभी आयु वर्ग के लोगों की सहभागिता आयोजन की विशेषता रही। बुजुर्गों के आशीर्वाद, मातृशक्ति की श्रद्धा, युवाओं के उत्साह और बच्चों की भागीदारी ने कार्यक्रम को विशेष रूप से आकर्षक बनाया। सामूहिक सहभागिता ने यह संदेश दिया कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज को जोड़ने और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
समिति की ओर से सभी श्रद्धालुओं एवं नगरवासियों का आभार व्यक्त किया गया। समिति ने कहा कि पिछले वर्षों की भाँति इस वर्ष भी क्षेत्रवासियों का सहयोग एवं सहभागिता महोत्सव को सफल बनाने में महत्वपूर्ण है। समिति ने आगामी दिनों में आयोजित होने वाले धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी सभी से बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।
इस अवसर पर माँ दुर्गा से प्रार्थना की गई कि उनका आशीर्वाद प्रत्येक परिवार पर बना रहे, समाज में सुख-शांति और समृद्धि का संचार हो तथा सभी के बीच प्रेम, भाईचारे एवं सद्भाव की भावना निरंतर मजबूत होती रहे।
दुर्गा महोत्सव समिति ने सभी क्षेत्रवासियों से आह्वान किया कि वे विगत वर्षों की भाँति इस वर्ष भी अपना सहयोग बनाए रखें और माँ भगवती के इस पावन महोत्सव को सामूहिक सहभागिता, श्रद्धा एवं उत्साह के साथ सफल बनाएँ।





