डीडीहाट बाल लेखन कार्यशाला का समापन….84 बच्चों ने बनाई हस्तलिखित पुस्तकें…..हस्तलिखित पुस्तकों की लगी प्रदर्शनी

डीडीहाट (पिथौरागढ़) । अल्मोड़ा से प्रकाशित बच्चों की पत्रिका बालप्रहरी तथा भारत ज्ञान विज्ञान समिति के संयुक्त तत्वावधान में 7 जून से राजकीय इंटर कालेज डीडीहाट में आयोजित बाल लेखन कार्यशाला के समापन समारोह में बाल कवि सम्मेलन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। कवि सम्मेलन का संचालन राजकीय प्राथमिक विद्यालय डीडीहाट की कक्षा 5 की छात्रा शिवाली नेगी द्वारा किया गया। बाल कवि सम्मेलन की अध्यक्षता अभिलाषा एकैडमी के कक्षा 5 के छात्र हार्दिक सिंह पापड़ा ने की। कवि सम्मेलन में उमेश भंडारी, पारस कुमार, हिमानी रावत, तनीषा बोरा, रश्मि बोरा, सौम्या बसेड़ा, भावना, पूजा, काव्या, हिमानी मेहता, निधि, सौम्या आदि ने मलयनाथ, डीडीहाट, पानी की बरबादी, फूल, पर्यावरण, भोजन की बरबादी, कूड़ादान, स्वच्छता अभियान, मेरा गांव, बादल आदि विषयों पर कार्यशाला में तैयार अपनी स्वरचित कविताओं का पाठ किया। समूचे कार्यक्रम का संचालन उदय किरौला ने किया । समापन समारोह में 84 बच्चों द्वारा बाल युग, बालप्रहरी, बाल संसार, बाल वाटिका, बाल भारती, बालिका स्वर, नव प्रभात, नई ज्योति, नव ज्योति, बाल भारती, नई किरण,, किशोरी स्वर, बाल वाणी व बाल मुस्कान आदि नामों से तैयार हस्तलिखित पुस्तकों की प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
समापन समारोह के प्रारंभ में अतिथियों ने सभी प्रतिभागी बच्चों को बैज लगाकर सम्मानित किया। बच्चों ने ओरेगैमी के तहत अखबार से बने मुकुट अतिथियों को पहनाए। अतिथियों ने बच्चों की हस्तलिखित पुस्तकों का लोकार्पण भी किया।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि तथा कार्यशाला के संरक्षक श्री भाष्करानंद पांडे ने बच्चों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों को अभिव्यक्ति का अवसर देने के लिए इस प्रकार की कार्यशालाएं मील का पत्थर होती हैं। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में अब बच्चे क्या, क्यों तथा कैसे जैसे सवाल करें। ऐसा पाठ्यक्रम डिजाइन किया गया है। उन्होंने कहा कि विज्ञान के आज के दौर में भी गांवों में भूत पिशाच के नाम पर लोग काफी पैसा खर्च कर रहे हैं। बच्चों के मन में बचपन से क्यों कैसे तथा क्या सवाल करने की क्षमता विकसित होना जरूरी है । वैज्ञानिक दृष्टिकोण को जन जन तक पहुंचाने की जरूरत है। प्रातःकालीन सत्र में बालप्रहरी संपादक उदय किरौला व दीक्षा जोशी ने ओरेगैमी के तहत अखबार के मोड़ से सरल भाषा में रेखागणित को समझाया।
प्रातः कालीन सत्र में बच्चों ने किताबों से दोस्ती करो, जल ही जीवन है, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ आदि जागरूकता से संबंधित नारे लिखे ओरेगेमी के तहत अखबार से बने मुकुट पहनकर लोगों कोअपनी ओर से आकर्षित किया। जागरूकता रैली राजकीय इंटर कालेज से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान डीडीहाट तक निकाली गई। डायट में बच्चों ने डायट की गतिविधियों को भी जाना। इस अवसर पर राजकीय इंटर कालेज डीडीहाट के प्रधानाचार्य प्रेमसिंह पापड़ा, बालसाहित्य संस्थान के अध्यक्ष रतनसिंह किरमोलिया, भारत ज्ञान विज्ञान समिति की प्रांतीय उपाध्यक्ष डां विजया ढौढियाल, प्रकाश पांडे, रमेश पांडेय ‘बृजवासी’, बृजमोहन जोशी, श्याम वीर सिंह, शिक्षा जंपांगी, डॉ चंद्र कला वर्मा जी, रामकुमार साहू आदि उपस्थिति थे। अंत में बालसाहित्य संस्थान के अध्यक्ष रतनसिंह किरमोलिया ने सभी का आभार व्यक्त किया।

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