
बागेश्वर । जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे की अध्यक्षता में गुरुवार को जिला सभागार में राज्य आंदोलनकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य आंदोलनकारियों ने प्रतिभाग करते हुए शासन एवं जिला स्तर पर लंबित अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों को जिलाधिकारी के समक्ष रखा।
बैठक के दौरान आंदोलनकारियों ने मुख्य रूप से संबोधन से संबंधित प्रकरणों में संशोधन, स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण, परिवहन सुविधाओं तथा इनके लिए आवश्यक दिशा-निर्देशों के संबंध में अपनी बात रखी। इसके अतिरिक्त उन्होंने बागेश्वर जनपद में पर्यटन की अपार संभावनाओं को देखते हुए पर्यटन विकास पर विशेष जोर दिया। उन्होंने पिंडारी, कफनी सहित अन्य हिमालयी ट्रेकिंग स्थलों को विकसित करने, ट्रेक मार्गों की स्थिति सुधारने तथा जनपद में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए योजना तैयार करने का सुझाव दिया। बैठक में वन्यजीवों एवं जंगली जानवरों से संबंधित समस्याओं को भी जिलाधिकारी के संज्ञान में लाया गया। साथ ही भूमि संबंधित प्रकरणो में भी सुझाव साझा किये गए। जिलाधिकारी ने राज्य आंदोलनकारियों द्वारा उठाए गए सभी विषयों एवं समस्याओं को गंभीरता से सुना तथा संबंधित प्रकरणों को संज्ञान में लेते हुए उनके निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों की समस्याओं का समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है और शासन स्तर से संबंधित मामलों को भी उचित माध्यम से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनपद में पर्यटन विकास को लेकर जिला प्रशासन निरंतर कार्य कर रहा है। पिंडारी, कफनी सहित विभिन्न ट्रेकिंग मार्गों को सुगम एवं व्यवस्थित बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही सड़क एवं रेल कनेक्टिविटी से जुड़े प्रस्तावों और मार्गों की प्रगति की भी नियमित निगरानी की जा रही है, ताकि जनपद में पर्यटन एवं आवागमन की सुविधाओं को बेहतर बनाया जा सके।
जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया कि बैठक में प्राप्त सभी सुझावों एवं शिकायतों को संबंधित विभागों के माध्यम से परीक्षण कराते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों को प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा भी दिलाया।
बैठक में उपजिलाधिकारी वैभव कांडपाल, अनिल चन्याल सहित पूरन सिंह रावत, गंगा सिंह पांगती, लीलाधर पंडा, दान सिंह, रमेश पांडे, राजेंद्र सिंह, दिनेश सिंह, नीमा दौफौटी, गोविंद भंडारी, भुवन चंद्र कांडपाल, हीरा बल्लभ भट्ट आदि मैजूद रहे।





