
उत्तराखंड राज्य पूर्ण साक्षर घोषित हो चुका है और इससे संबंधित प्रस्ताव को बीते दिनों कैबिनेट में लाया गया था जिसे आज राज्यपाल की मंजूरी मिल चुकी है। नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 और यूएलएलएएस नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के मानकों को पूरा करने को लेकर गवर्नर लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह राज्य को पूरी तरह से साक्षर राज्य घोषित करने को मंजूरी दे दी है। केंद्र सरकार के उल्लास कार्यक्रम के तहत पूर्ण साक्षर राज्य का दर्जा तय किया जाता है और यह 15 साल से अधिक उम्र के लोगों की शिक्षा पर केंद्रित किया जाता है। सरकार के अनुसार जब किसी राज्य में वयस्कों की शिक्षा दर 95% या उससे अधिक हो जाती है और साथ ही गैर साक्षर लोगों तक शिक्षा पहुंचाने का लक्ष्य पूरा हो जाता है तो उस राज्य को पूर्ण साक्षर मान लिया जाता है इस तरह से उत्तराखंड राज्य को पूर्ण साक्षर घोषित कर दिया गया है।


