अल्मोड़ा:- बच्चों की शैक्षिक प्रगति में उल्लेखनीय भूमिका निभा रहे शिक्षक

बच्चों की शैक्षिक प्रगति में विकासखंड – भिकियासैंण (अल्मोड़ा) के दुर्गम क्षेत्र के विद्यालय राजकीय प्राथमिक विद्यालय – डढूली (भिकियासैंण) में कार्यरत्त प्रशिक्षित, कुशल ,नवाचारी प्रधानाध्यापक ठाकुरपाल सिंह व सहायक अध्यापक अमित पाण्डे ने शिक्षा क्षेत्र में एक नजीर पेश की है। एक ओर जहाँ लोगों , अभिभावकों का सरकारी विद्यालयों से मोह भंग हो रहा है। विद्यालय आये दिन बंद हो रहे हैं। वही इन शिक्षकों द्वारा अपने सीमित संसाधनों में बच्चों को अच्छी शिक्षा देने का सफल प्रयास किया है। जिसका परिणाम है कि इस विद्यालय में पढ़ने वाले निर्धन व उपेक्षित बच्चे विगत कई वर्षों से जवाहर नवोदय – ताड़ीखेत (अल्मोड़ा), राजीव गाँधी नवोदय विद्यालय – चौनलिया (भिकियासैंण), विद्याज्ञान विद्यालय – सीतापुर (उ.प्र.) आदि प्रवेश परीक्षाओं व राज्य स्तरीय मैथ्स विजार्ड , इंग्लिश जीनियस आदि प्रतियोगिताओं में यहाँ के बच्चे ने अपना परचम लहरा रहे हैं। शैक्षिक सत्र- 2023-24 में विशाल चन्द्र ने जवाहर नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा व सत्र 2024-25 में दिव्यांश शर्मा का विद्याज्ञान विद्यालय- सीतापुर (उ.प्र.) में चयन होने के साथ ही चारु शर्मा जवाहर नवोदय, सत्र 2025-26 मनोज ने राजीव नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा में अच्छे अंकों के साथ सफलता प्राप्त की। इसी के साथ चारु शर्मा ने सत्र 2024-25 में मैथ्स विजार्ड में राज्य स्तर व मनोज द्वारा सत्र 2025 -26 में जिला स्तर पर प्रतिभागिता की गयी। सत्र 2025-26 में यहाँ के छात्र पवन का मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी में चयन होने के साथ ही विद्यालयी खेल में सचिन ने खेल में राज्य स्तर पर प्रतिभाग किया। शिक्षकों का यह प्रयास वर्तमान में अध्ययनरत्त बच्चों के लिए भी अनवरत जारी है। यहाँ के विद्वान, मेहनती , बच्चों को उच्च मुकाम तक पहुँचाने को समर्पित ये शिक्षक इस क्षेत्र ही नहीं अपितु समूचे शिक्षक समुदाय के लिए एक नजीर हैं। इन शिक्षकों ने यह कर दिखाया कि बच्चों को सरकारी विद्यालयों में प्राइवेट विद्यालयों जैसा माहौल दिया जा सकता है। उन्हें अंग्रेजी माध्यम में भी पढ़ाकर प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए तैयार किया जा सकता है। बशर्ते बात है बच्चों को अच्छे शैक्षिक वातावरण दिये जाने के साथ ही शिक्षकों के कठिन परिश्रम व समर्पित भाव से काम करने की। विद्यालय के प्रधानध्यापक ठाकुरपाल जी ने अपनी बात में कहा कि बच्चों की इस सफलता के पीछे अधिकारियों का समय- समय पर सही मार्गनिर्देशन, अभिभावकों के साथ मासिक बैठक, समय – समय पर बच्चों को गृहकार्य में सहयोग करने पर अभिभावकों से बातचीत व शिक्षकों व बच्चों के कठिन परिश्रम का परिणाम है। इस विद्यालय के बच्चों का हमेशा विद्यालय गणवेश व अनुशासन में रहने का ही परिणाम बच्चों की सफलता में परिलक्षित हुआ। विद्यालय प्रधानाध्यापक के कुशल निर्देशन में सफलता की ओर अग्रसर है। शिक्षकों के कठिन परिश्रम के परिणाम पर बच्चों, अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों, क्षेत्रवासियों, शिक्षा अधिकारियों ने प्रसन्नता व्यक्त करने के साथ ही अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।

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