
उत्तराखंड राज्य में लगातार बिजली की मांग बढ़ती जा रही है ऐसे में यूपीसीएल को 1320 मेगावाट बिजली खरीदने की मंजूरी मिल गई है जिससे कि उपभोक्ताओं और यूपीसीएल को बड़ी राहत मिलेगी। करीब 2 साल से लटकी हुई कोयला आधारित 1320 मेगावाट बिजली उत्पादन योजना को उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग द्वारा अब मंजूरी दे दी गई है जिसके तहत 25 साल की दीर्घ अवधि के लिए यूपीसीएल किसी कंपनी से बिजली खरीद सकेगा जो कि राज्य को पूर्व से आवंटित कोयले का इस्तेमाल करेगी। कोयला आधारित बिजली के लिए केंद्र से लिंकेज आवंटित हो चुकी है तथा उपभोक्ताओं को भी इससे बड़ी राहत मिलेगी। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की हालिया रिसोर्स एडिक्वेसी स्टडी रिपोर्ट में चेतावनी दी गई थी कि यदि बिजली की खरीद या उत्पादन क्षमता राज्य ने नहीं बढ़ाई तो आगे जाकर राज्य को बिजली के किल्लत झेलनी पड़ेगी और वर्तमान अनुमानों के अनुसार बिजली की कमी वित्तीय वर्ष 2025- 26 में 13% से वित्तीय वर्ष 2035- 36 तक 30% पहुंचने का अनुमान है और उपभोक्ताओं को बिना किसी कटौती के निर्बाध बिजली मिले इसके लिए दीर्घकालिक बिजली खरीद को काफी आवश्यक माना गया है।


