
उत्तराखंड राज्य में एक जुलाई से मदरसा बोर्ड खत्म हो जाएगा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा फरवरी माह में मदरसा बोर्ड खत्म करने की घोषणा की गई थी और उन्होंने जुलाई से सभी अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के दायरे में लाने के निर्देश दिए थे ऐसे में अब राज्य में 1 जुलाई से मदरसा बोर्ड खत्म हो जाएगा और मदरसों में पढ़ने वाले हजारों बच्चे शिक्षा की मुख्य धारा से जुड़ पाएंगे और उनके शैक्षिक प्रमाण पत्र भी मान्य होंगे। राज्य में 2011 में मदरसा बोर्ड के गठन को मंजूरी मिली थी लेकिन 15 साल बाद भी इसे राज्य शिक्षा बोर्ड के समकक्ष मान्यता नहीं मिल पाई जिस कारण मदरसों में बच्चों की संख्या तेजी से कम होती जा रही थी ऐसे में मुख्यमंत्री द्वारा इसे खत्म करने की घोषणा की गई। राज्य मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष मुफ्ती शमून कासमी ने कहा है कि राज्य शिक्षा बोर्ड से मान्यता मिलने से छात्रों के शैक्षिक प्रमाण पत्र का महत्व बड़ा होगा बढ़ेगा और वर्तमान में तहतानिया, फौकानिया ,मुंशी , मौलवी इन प्रमाण पत्रों को समकक्ष मान्यता नहीं दी गई थी जिस कारण छात्र सरकारी नौकरियों में इसका उपयोग नहीं कर पा रहे थे मगर अब छात्रों को बेहतर लाभ मिलेगा।


