उत्तराखंड:- राज्य में बीते 10 वर्षों के अंतर्गत बढ़ी अतिवृष्टि की घटनाएं…….. जलवायु परिवर्तन का दूरगामी प्रभाव मान रहे हैं वैज्ञानिक

उत्तराखंड राज्य में बीते 10 वर्षों के अंतर्गत अतिवृष्टि की घटनाएं बढ़ी हैं और मानसून सीजन में पर्वतीय क्षेत्र लगातार आपदा से संबंधित समस्याओं को झेल रहे हैं। अतिवृष्टि के कारण भारी नुकसान के साथ ही जनजीवन भी प्रभावित है। बता दें कि अतिवृष्टि की इन घटनाओं को मौसम वैज्ञानिक जलवायु परिवर्तन का दूरगामी प्रभाव मान रहे हैं। लेकिन वर्तमान परिपेक्ष में यह वर्षा का एक सामान्य पैटर्न है।

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उत्तराखंड में कमजोर भूगर्भीय स्थिति को आपदा का कारण माना जा रहा है। तीव्र वर्षा उत्तराखंड के पहाड़ नहीं झेल पा रहे हैं और लगातार भूस्खलन संबंधित घटनाएं घट रही है। बीते कई वर्षों में जलवायु परिवर्तन समेत बदलते मौसम को लेकर कई अध्ययन भी किए गए हैं और राज्य में ग्लेशियर तथा भूगर्भ विज्ञान से जुड़े शोध भी किए गए और इन शोधों को करने के बाद वैज्ञानिकों ने अपनी अलग-अलग राय निकाली है। वहीं दूसरी तरफ वाडिया हिमालय भू- वैज्ञानिक संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विक्रम गुप्ता के अनुसार विश्व भर में जलवायु परिवर्तन के प्रभाव के रूप में वर्षा का मिजाज बदलता है इसलिए कई बार ऐसा होता है कि बेहद कम समय के लिए मगर काफी तीव्र वर्षा होती है और इसी के साथ अतिवृष्टि की घटनाएं भी बढ़ रही है।