“अपना वोट अपने गांव”की नीति से अनिल बलूनी के गांव में बड़ी मतदाताओं की संख्या

उत्तराखंड के गांवों में पलायन के चलते हर विधानसभा और लोकसभा चुनाव में शत प्रतिशत मतदान नहीं हो पाता है। मगर उत्तराखंड से राज्यसभा सदस्य एवं भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी ने कई समय पूर्व से “अपना वोट अपने गांव” की नीति अपनाई है। वे हर साल अपने गांव जाकर ही मतदान करते हैं अनिल बलूनी ना सिर्फ विधानसभा, लोकसभा बल्कि अन्य चुनाव में भी हिस्सा लेते हैं।

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अनिल बलूनी की इस नीति से और नेताओं ने भी इस नीति को अपनाया तथा अपने गांव जाकर ही वोट किया। तथा भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी की इस नीति का असर उनके गांव नकोट पर काफी अच्छा पढ़ा क्योंकि जहां पहले पलायन से जूझ रहे इस गांव में केवल 25 मतदाता थे अब उनकी संख्या बढ़कर 96 हो गई है। अनिल बलूनी कि यह निती अपने गांव से पलायन कर चुके प्रवासियों को उनकी जड़ों से जोड़ने का काम भी करती है। तथा प्रवासी अपने गांव आकर मतदान करते हैं और यहां के विकास में अपनी भूमिका भी निभाते हैं।