
बागेश्वर । गौसेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ० राजेन्द्र अणथ्वाल ने जनपद में निराश्रित गौवंश के संरक्षण, गौसदनों की व्यवस्थाओं तथा गोवंश सुरक्षा से जुड़े विभिन्न बिंदुओं को लेकर मंगलवार को विकास भवन सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने जनपद में संचालित गौसदनों की वर्तमान स्थिति, उनकी क्षमता, शरणागत गोवंश की संख्या तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 में जारी राजकीय अनुदान की भी समीक्षा की।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गौवंश संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने गौसदनों में आ रही समस्याओं, चारे की उपलब्धता, आधारभूत सुविधाओं तथा निराश्रित गौवंश के बेहतर संरक्षण के लिए संबंधित विभागों को समन्वय बनाकर कार्य करने।के निर्देश दिए।
इस दौरान मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ केके जोशी ने निराश्रित गौवंश के संरक्षण, गौसदनों की व्यवस्थाओं तथा गोवंश सुरक्षा से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की जानकारी देते हुए बताया कि जनपद में उत्तराखण्ड पशु कल्याण बोर्ड अंतर्गत पंजीकृत पांच गौसदनों कत्यूर गौ सेवा समिति गरुड़, श्रीराम गोशाला हथरशिया , श्रीनंद गोपाल गोशाला न्यास मनकोट , माँ कामधेनु गोलोक धाम खौलसीर तथा अनुबंधित गोशाला मनकोट में वर्तमान में 384 गोवंश आश्रित हैं। इन गौसदनों के भरण-पोषण हेतु कुल ₹ 80.82 लाख से अधिक की अनुदान राशि निर्गत की गई है।
विकासखंड गरुड़ अंतर्गत ग्राम जैसर में एक नवीन गोशाला का निर्माण वर्तमान में गतिमान है।वर्तमान में जनपद में 24 ग्राम्य गौसेवक पंजीकृत हैं, जिन्हें वर्ष 2025-26 में ₹4.28 लाख से अधिक का भुगतान किया गया है। उन्होंने गोवंश की ईयर टैगिंग एवं फोटोग्राफ सहित पंजीकरण कार्य पर बताया गया कि 20वीं पशुधन संगणना 2019 के अनुसार जनपद में कुल 76181 गौवंशीय पशु चिन्हित हैं, जिनमें से 72887 पशुओं की टैगिंग की जा चुकी है।
वर्तमान सर्वेक्षण के अनुसार जनपद में कुल 236 निराश्रित गोवंश चिन्हित किए गए हैं, जिनको विभिन्न गोसदनों को भेजे जाने की कार्यवाही गतिमान है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा बताया कि घायल बीमार तथा अशक्त पशुओं को को उठाने हेतु जिलाधिकारी द्वारा स्वीकृत धनराशि से जनपद में दस लिफ्टिंग मशीन क्रय की गई हैं जिनसे अशक्त पशुओं को खड़ा करने में सहायत मिल रही है। पुलिस विभाग द्वारा गोवंश के प्रति अपराधों की रोकथाम को लेकर की जा रही कार्रवाई की जानकारी भी साझा की गई।
बैठक में परियोजना निदेशक शिल्पी, पंत, उपजिलाधिकारी प्रियंका रानी, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनय कुमार, पुलिस उपाधीक्षक अजय लाल शाह, उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ पंकज कुमार जोशी, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत अनिल जोशी सहित गौसदनों के संचालक व संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


