
उत्तराखंड राज्य के रुड़की से एक ऐसी खबर सामने आ रही है जहां 15 बीघा जमीन में लगाया हुआ धान खराब होने के बाद मुआवजे के तौर पर केवल ₹2000 का चेक मिला है और किसान इस असमंजस में डूबा हुआ है कि आखिर इस चेक से घर कैसे चलाएं। जिस धान से पूरे साल चावल खाने को मिल जाता था और धान बेचकर घर की जरूरत पूरी होती थी इस बार एक मुट्ठी चावल भी खेत से नहीं आया और पूरे खेत के धान बर्बाद हो गए। सरकार से जब मुआवजे की गुहार लगाई तो मात्र ₹2000 का चेक मिला है और इससे घर कैसे चलेगा।
किसानों ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के सामने अपनी व्यथा रखी है और उनका कहना है कि इस मामले में उनकी मदद की जाए। बता दे कि हरिद्वार में वर्षा के कारण किसानों ने काफी नुकसान झेला है। बेलड़ी गांव के अनुसूचित जाति के किसानों को करीब ढाई सौ बीघा की खेती में नुकसान झेलना पड़ा है और गांव के तेजराम द्वारा ज्वाइंट मजिस्ट्रेट से कहा गया कि इस बार उन्होंने 15 बीघा खेत में धान लगाया था व बारिश के चलते उनकी फसल बर्बाद हो गई। लेखपाल ने छह बार उनकी फसल का सर्वे भी किया और कहा कि आपदा के कारण जो भी नुकसान हुआ है उसकी भरपाई की जाएगी तथा अंत में भरपाई के तौर पर ₹2000 का चेक दिया गया अब इससे साल भर घर कैसे चलेगा। किसानों का कहना है कि इस बार गेहूं के बीच खरीदने के लिए भी उनके पास पैसे नहीं है। वही गांव के कुछ ऐसे भी किसान है जिन्हें अभी तक चेक भी नहीं मिल पाया है उन्होंने प्रशासन से गुहार लगाइ है।

