
उत्तराखंड राज्य में कल 17 अगस्त से राज्य के हिमाच्छादित क्षेत्रों में डिजिटल स्वगणना शुरू होने जा रही हैं जिसके बाद 1 सितंबर से प्रगणक घर-घर जाकर स्व गणना करेंगे और इस बार लोगों से पहले की तुलना में अधिक जानकारी जुटाई जाएगी। डिजिटल साक्षरता से लेकर रोजगार, प्रवास, कोविड टीकाकरण तक कई नए पहलुओं को जनगणना में शामिल किया गया है इसके तहत जहां पहले 15 दिन तक पोर्टल के माध्यम से स्वगणना का मौका मिलेगा उसके बाद 30 सितंबर तक प्रगणक घर-घर जाकर जनगणना करेंगे।
Advertisements


