
22 जून 2026 की बात है
रोज की तरह ही चल रहा था ना सब कुछ
लेकिन अचानक लखनऊ के अलीगंज में स्थित एक कोचिंग सेंटर में आग लग गई
आग ऐसी जिसने मानो सब कुछ ख़त्म सा कर दिया
ना जाने कितने घरों के चिराग बुझ गए
सब बच्चे थे सपने देखने की उम्र थी उनकी
वो तो पढ़ने गए थे ना
अपने परिवार का नाम रोशन करेंगे करके गए थे ना
पर वक्त इतनी जल्दी बदला किसको पता था उस दिन
कि वो क्लास आखिरी होगी
वो दोस्तों से मुलाकात आख़िरी होगी
वो परिवार से बातें आखिरी होंगी
किताब – कॉपी सब वहीं छूट जाएँगी
सपने सारे वहीं टूट जाएँगे
और वो कभी घर ना लौटेंगे
किसको पता था
आग लगी तो सारा धुआँ भर गया
कुछ घबरा गए
कुछ हिम्मत जुटा कर भागे पीछे की तरफ
ना देखी उन्होंने ऊँचाई बस दिखी खिड़की और उससे कूद गए
ना कोई इमरजेंसी एग्जिट था वहाँ
ना फायर की कोई मशीन
कितना समय लग गया पुलिस को आने में
कितना समय लगा रेस्क्यू करने में
तब तक साँसें कितनी ख़त्म हो गईं
किसको पता था ऐसा होगा
माँ तो इंतजार कर रही थी
भाई – बहन तो इंतजार कर रहे थे
बाबू जी जो कल ही फीस भरकर आए थे
सबने कहा था बेटा पढ़ ले
किसको पता था आज की पढ़ाई आखिरी पढ़ाई थी
एक लापरवाही ने सब ख़त्म सा कर दिया
सोशल मीडिया पर
अलग – अलग नेता आए
दुख जताया , आँसू बहाए
PM सर ने कहा 2 लाख देंगे
योगी जी ने 5 लाख का वादा किया
अब तुम ही बताओ
क्या उन पैसों से वो बच्चे लौट आएंगे
बिल्कुल नहीं
क्या 2-5 लाख से
उस माँ का दर्द बापू जी की टूटी हुई उम्मीद जुड़ पाएगी ?
उन बहिनों को अपने भाई का प्यार मिल पाएगा ?
बिल्कुल नहीं !!

🌸भावभीनी श्रद्धांजलि 🌼
राकेश उप्रेती
अल्मोड़ा उत्तराखण्ड

