
सड़क मानो एक सपना “

धौलादेवी ब्लॉक से दूर भनोली तहसील की शान
अल्मोड़ा जिले का प्यारा स्यूनी मेरा गाँव
नाम तो स्यूनी है लेकिन सड़क का इधर आना आज भी एक सपने से कम नहीं
हर बार हर चुनाव में आते हैं यहाँ नए – नए नेता
बड़ी-बड़ी बातें करते
गाँव के लोगों को झूठा दिलासा
और दिखाते सुनहरा सपना
इस बार तो सड़क पक्का ये आयेगी कहकर दीवारों पर पेंट चढ़ाते
सौ बार सर्वे हो गए अब तो नापने वाला फीता भी अब थक गया
चुनाव गए नेता बने लेकिन सड़क कभी नहीं बनती
अंत में वो पेंट भी मिट जाता है
आज देखा जाए तो बड़ी – बड़ी योजनाओं के तहत
हर गाँव को सड़क से जोड़ा जा रहा है
लेकिन स्यूनी गाँव आज भी बस सड़क के सपने देख रहा है
यहाँ की बूढ़ी माताएँ सिर बोझा लिए कोसों पैदल चलती
बच्चे 5 – 6 किलोमीटर पैदल चलते हैं
बड़ों को डिग्री के लिए गाँव छोड़ अल्मोड़ा जाना पड़ता
बीमार को यहाँ डोली में ले जाते
कभी – कभी सांसें रास्तों तक ही रह जाती हैं
पहले यहाँ बहुत लोग थे
आज देखा जाए तो अधिकतर घरों पर ताले पड़े
बचे हैं कुछ परिवार
पलायन की आँधी चली जो जवानी शहर ले गई
फिर कहते हो पलायन बहुत हो रहा है
जहाँ हर घर नल योजना से गाँव चमक रहे हैं
वहीं पानी की एक एक बूंद को यहाँ तरसते हैं लोग
बारिश हुई नहीं लोगों को पहले ही परेशानी हो जाती है
क्योंकि 5/6 दिन तक नल बंद पड़े मिलते हैं
जब तक खुद जाके लाइन ना जोड़ो तब तक हर नल
अलग-अलग बिखरे मिलते हैं
बिजली भी रूठी-रूठी हफ्तों
तक दर्शन नहीं देती
बारिश में तार टूटे तो अंधेरे में रात कटे
बच्चों की पढ़ाई छूटे फोन भी खामोश रहे
स्यूनी की हर एक बाखली पूछे विकास कब और कहाँ बहे ??
कागज़ पर सड़क नहीं , अब वोट भी नहीं मिलेगा
एक बार पक्की सड़क बना दो फिर देखना स्यूनी गाँव कैसे खिल जाएगा !!
राकेश उप्रेती

