
उत्तराखंड राज्य को केंद्र से एक बड़ी सौगात मिली है। बता दे कि जमरानी बांध परियोजना के रूप में मिली इस सौगात के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जाता है और अब इस बांध के राज्यांश को लेकर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच करार होगा। राज्यांश को उत्तर प्रदेश तथा उत्तराखंड मिलकर वहन करेंगे। इस संबंध में जल्द ही करार किया जाएगा।
बता दे कि वैश्विक निवेशक सम्मेलन से पहले सरकार का लक्ष्य अभी तक मिले निवेश प्रस्तावों में से राज्य के हित वाले अधिक से अधिक प्रस्तावों को धरातल पर उतरना है और बीते शनिवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में पत्रकार वार्ता के दौरान सीएम पुष्कर सिंह धामी का कहना था कि जमरानी बांध परियोजना निर्माण से हल्द्वानी और उसके आसपास के क्षेत्र में पेयजल के अलावा सिंचाई की समस्या का समाधान भी होगा और विद्युत उत्पादन में भी बढ़ोतरी होगी। बता दें कि वित्त पोषण के कारण वर्ष 1975 से शुरू इस परियोजना का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पा रहा था लेकिन केंद्र से बजट की स्वीकृति के बाद अब इसका कार्य किया जाएगा। परियोजना के लिए राज्यांश के 10% में उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश पांच – पांच प्रतिशत वहन करेंगे। इसके अलावा कैबिनेट ने इस परियोजना से प्रभावित 1300 से अधिक परिवारों का विस्थापन पराग फॉर्म में करने का प्रस्ताव भी पारित कर दिया है।

