
अल्मोड़ा। मोबाइल लर्निंग से सहकारिता, कार्यक्षमता में वृद्धि होने के साथ-साथ याद करने में सुविधा होती है। यह आधुनिक समय की नवाचारी व प्रभावी शिक्षण विधि है। यह बात इं. रवीन्द्र नाथ पाठक, कंप्यूटर विज्ञान विभाग, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय परिसर अल्मोड़ा ने उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र (यूसर्क) के तत्वावधान में विज्ञान चेतना केंद्र रा० इ० का० नाई में आयोजित एकदिवसीय कार्यशाला बतौर मुख्य वक्ता कही।
इससे पूर्व मुख्य अतिथि ताकुला के खंड शिक्षा अधिकारी विनय कुमार आर्या व विशिष्ट अतिथि महेश नयाल जिला पंचायत सदस्य सकनियाकोट ने सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलन के साथ कार्यशाला की शुरुआत की। तत्पश्चात विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वंदना व स्वागत गीत की प्रस्तुति दी। इसके पश्चात विद्यालय के प्रधानाचार्य अनिल कुमार कठेरिया ने सभी गणमान्य अतिथियों का स्वागत किया।
कार्यशाला में बतौर मुख्य वक्ता इं. रवीन्द्र नाथ पाठक, कंप्यूटर विज्ञान विभाग, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय परिसर अल्मोड़ा ने कहा कि ई लर्निंग, डी लर्निंग और एम लर्निंग आधुनिक समय के महत्वपूर्ण लर्निंग मैथड हैं। हम लर्निंग कहीं भी कभी भी करना चाहें तो एम लर्निंग यानि मोबाइल लर्निंग इसके लिए अत्यंत उपयोगी है। मोबाइल लर्निंग से वैश्विकता, सहकारिता, कार्यक्षमता में वृद्धि होने के साथ-साथ याद करने में आसानी होती है। यह आधुनिक समय की नवाचारी व प्रभावी शिक्षण विधि है।
उन्होंने प्रोजेक्टर के माध्यम से मोबाइल में प्रयुक्त होने वाले लर्निंग ऐप्स व महत्वपूर्ण वेबसाइट के विषय में भी छात्र-छात्राओं को जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि गूगल मीट, जूम, गूगल क्लासरूम, वेबैक्स महत्वपूर्ण मोबाइल एप्स हैं, जिनके माध्यम से हम मोबाइल लर्निंग कर सकते हैं। इसके अलावा उन्होंने छात्र-छात्राओं को पंद्रह मिनट में ऐप बनाने की विधि भी बताई।
मुख्य अतिथि खंड शिक्षा अधिकारी, ताकुला विनय कुमार आर्या ने कार्यशाला को छात्र-छात्राओं के लिए उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताया। उन्होंने कहा कि नवाचारी गतिविधियां विद्यालय में होनी जरूरी हैं। विशिष्ट अतिथि महेश नयाल, जिला पंचायत सदस्य सकनियाकोट ने कहा कि यह कार्यशाला छात्र-छात्राओं में वैज्ञानिक चेतना का विकास करेगी। उन्होंने विद्यालय हित में किसी भी प्रकार का सहयोग करने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए विज्ञान चेतना केंद्र प्रभारी रमेश सिंह रावत ने बताया कि विज्ञान चेतना केंद्र बनने के बाद जिले में सर्वप्रथम रा० इं० का० नाई में कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।
कार्यशाला में विज्ञान संबंधी क्विज व सामान्य ज्ञान प्रतियोगिताओं का आयोजन भी हुआ, जिनमें उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत भी किया गया। अंत कार्यक्रम प्रभारी विज्ञान शिक्षक अंकित जोशी ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
कार्यशाला में गणेश चंद्र शर्मा, डॉ० पवनेश ठकुराठी, स्वयंदीप सिंह, एडवोकेट देवेश जोशी, नवल किशोर, मोहन सिराड़ी, फरीद अहमद, सोनम आर्या, भूपेंद्र सिंह नयाल, अंकित जोशी, वत्सला टोलिया, चंदन बिष्ट, नंदन सिंह नयाल, दिलीप कुमार आर्या, अशोक कुमार, गोविंद सिंह बिष्ट, गणेश नयाल, सुरेंद्र सिंह नयाल, अर्जुन सिंह बिष्ट, मनोज बिष्ट, नरेंद्र पंत, ममता भंडारी, पूरन सिंह, मोहन सिंह, चंपा देवी, सुनीता देवी, अनीता भंडारी, रेखा देवी आदि लोग मौजूद रहे।

