
उत्तराखंड राज्य में मंगलवार की सुबह 11:00 बजे से सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मंत्रिमंडल की बैठक हुई और इस बैठक के दौरान 20 प्रस्तावो पर चर्चा की गई जिसमें कई निर्णय पर मुहर भी लगी है। कैबिनेट में कुछ अहम फैसले भी लिए गए जिसमें सचिवालय प्रशासन में 90% पद सीधी भर्ती से भरे जाएंगे तथा पैरोल की अनुमति डीएम से ही मिल सकेगी। अधिकतम 12 माह की पैरोल की व्यवस्था की जाएगी, पीडब्ल्यूडी के ढांचे का पुनर्गठन होगा, सिडकुल की पांच सड़कों को पीडब्ल्यूडी को स्थानांतरित कर दिया जाएगा, पार्किंग पॉलिसी पर भी कैबिनेट द्वारा मुहर लगाई जा चुकी है और पहाड़ों में बसों को परमिट टैक्स पर राहत मिली है और यह बढ़ाकर 25% कर दी गई है। इसके अलावा प्रदेश में 90 आईटीआई में से 20 संस्थानों को कर्नाटक मॉडल की तर्ज पर उच्चीकरण किया जाएगा, परिवहन सिटी बस में मोटरयान कर में शत-प्रतिशत छूट दी जाएगी, परिवहन विभाग के प्रवर्तन कर्मचारी सेवा नियमावली में संशोधन किया जाएगा तथा शत-प्रतिशत प्रवर्तन सिपाही के पद सीधी भर्ती से भरे जाएंगे और राज्य में पार्किंग नियमावली प्रख्यापित की गई है। साथ में रेलवे की जमीन पर मास्टर प्लान की बाध्यता नहीं रहेगी ,सरकारी और एंडेड कॉलेजों में 12वीं तक के छात्रों को निशुल्क किताबें दी जाएंगी, यूनिवर्सिटी ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी का नाम कोर यूनिवर्सिटी रख दिया जाएगा। लखवाड़ परियोजना के दौरान खोले गए 4 टेंडरों में से जो एक टेंडर आया है उसे खोलने की अनुमति दी गई है। महासू देवता और अल्मोड़ा के जागेश्वर धाम का मास्टर प्लान बनाया जाएगा, दिव्यांगों को स्टांप ड्यूटी में 25% की छूट दी जाएगी। इन महत्वपूर्ण निर्णयो पर आज कैबिनेट में मुहर लग चुकी है।

