
किसान और आमजन तथा सरकार सभी को बारिश की कमी के नुकसान की भरपाई करनी पड़ती है बारिश की कमी से किसानों और सरकार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है और ऐसे में वैज्ञानिकों की टीम में एआई ट्रैकर विकसित किया है जिससे कि बारिश की कमी का अनुमान लगाया जा सकता है। यह ट्रैकर फसल बदलने और बुवाई का सही समय भी बताएगा। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान देहरादून के वैज्ञानिकों ने एआई तकनीक पर आधारित ऐसा सॉफ्टवेयर विकसित करने का दावा किया है जो कि बारिश की कमी का अनुमान लगाने के साथ काम पाने वाले वैकल्पिक फसलों का सुझाव भी देगा और इसे अल नीनो एंड खरीफ ट्रैकर का नाम दिया गया है। यह किसी भी क्षेत्र जिले में बारिश की कमी का सटीक अनुमान लगा सकेगा। किसान स्मार्टफोन से अपनी लोकेशन सांझा कर सकते हैं और लोकेशन कॉलम में क्षेत्र का नाम दर्ज कर वहां से बारिश की स्थिति की जानकारी भी इसके जरिए ले सकेंगे। सॉफ्टवेयर फिलहाल लोगों के लिए प्रायोगिक तौर पर उपलब्ध है इसका प्रमाणीकरण होना अभी बाकी है और इसे किसानों के हित में विकसित किया जा रहा है।





