Uttarakhand- अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त हुए 31 भवन…… सरकार की आस लगाएं हुए हैं पीड़ित

उत्तराखंड राज्य के कोटद्वार में हुई अतिवृष्टि के कारण 31 भवन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और इनमें से खोह नदी की भेंट भी 21 भवन चढ़ चुके हैं और 10 भवन पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन की जद में आकर धराशाही हो गए हैं। वहीं प्रभावित परिवारों को राहत शिविरों में ठहराया हुआ है लेकिन भविष्य को लेकर चिंतित यह परिवार सरकार की आस लगाए बैठे हैं ।बता दे कि जो भी मकान खोह नदी की भेद चढ़े हैं उनमें से अधिकांश सरकारी भूमि में थे ऐसे में इन भवन स्वामियों की निगाहें सरकार पर टिकी हुई है और आपदा में जो भी परिवार बेघर हो चुके हैं उन्हें सरकार की पुनर्वास नीति का इंतजार है।

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यदि हम एक बार प्रशासन के आंकड़ों को देख तो कोटद्वार नगर निगम क्षेत्र में 8 अगस्त को और 13 अगस्त की रात को काफी अतिवृष्टि हुई थी जिससे 21 भवन धराशाही हो गए। प्रशासन द्वारा भवन स्वामियों को तात्कालिक सहायता के रूप में पांच- पांच हजार की धनराशि प्रदान की गई। जानकारी के मुताबिक धराशाही मकान में कुछ मकान ऐसे हैं जो की सरकारी भूमि पर बने हुए थे और अतिक्रमण की श्रेणी में है। ऐसे में सरकारी तंत्र इन लोगों को पुनर्वास के लिए भूमि देगा इस बात की उम्मीद नहीं जताई जा रही है फिलहाल उनके पुनर्वास हेतु कोई भी व्यवस्था नहीं है।