पिथौरागढ़:- नशीले राक्षस का अंत करने के लिए कलयुग में जन्मे कृष्णा…. जानिए उनके जीवन की कहानी

जिसके सिर पर से बाप का साया हट गया हो और मां गूंगी हो । जब उनका लाड़िला बेटा मन में ठान लें कि वह अपनी इच्छा दृण संकल्प के बल पर सामाजिक बुराई के लिए एक जंग छेड़ेगा तो वह उसके लिए अपनी जान जोखिम में डालकर उसे हासिल ही कर लेता है । भले ही उसका विकल्प कुछ भी हों ।

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ऐसा ही एक मामला संज्ञान में आया है । पिथौरागढ़ के देवस्थल का निवासी कृष्णा उम्र 15 वर्ष जो हर दिन 30 से 40 किलोमीटर दोड़ लगाकर लोगों को नशे के खिलाफ जागरुक कर रहा है । विद्यालयों में जाकर बच्चों को शपथ दिला रहा है ।अपने इस अभियान में युवाओं को जोड़ रहा है । उसके इस साहसिक कार्य से प्रभावित होकर आम जनता भी उनके साथ होने का आश्वासन दे रही है।


कृष्णा मूलरुप से पिथौरागढ़ के देवस्थल का रहने वाला है। पिता का साया बचपन से ही उसे नहीं मिला। मां की मन की स्थिति खराब और ज़िन्दगी अभाव ग्रस्त चल रहीं हैं । उसकी इस दयनीय हालतों को मद्देनजर रखते हुए स्थानीय सामाजिक संस्था घनश्याम ओली चाइल्ड वेलफेयर सोसायटी ने कृष्णा को गोद ले लिया है । पिछ्ले नौ सालों से कृष्णा का लालन-पालन, खान-पान एवं शिक्षा -दीक्षा यहीं से चल रही है ।


सामाजिक संस्था में रहकर कृष्णा अनेक सामाजिक जागरूकता अभियानों में प्रतिभाग करते रहता हैं । संस्था के अध्यक्ष घनश्याम ओली ने बताया कि कृष्णा पूर्ण निष्ठा व लगन से अपना पठन-पाठन का कार्य करते हैं। ज्ञात हो कि सबसे कम आयु में नशे के खिलाफ 600 किलोमीटर दौड़ने वाले पहले युवा हैं । यात्रा के दौरान जागरुकता के साथ-साथ रहने खाने के लिए वह लोगों से मदद भी मांगते हैं ।
कृष्णा की यात्रा टीम में अन्य तीन सदस्य उनकी सेहत, खाने-पीने और अन्य चीजों का ध्यान रखती है। कृष्णा अपने इस अभियान से जनता से अपील करते हैं कि वे नशे के खिलाफ इस जंग में उनका पूर्ण सहयोग करें। कृष्णा के पिता का नाम स्वर्गीय त्रिलोक सिंह और मां का नाम कमला देवी है । वर्तमान में कृष्णा दया सागर इण्टर कालेज पिथौरागढ़ में कक्षा 10वीं का छात्र है । उसने अपनी इस यात्रा को सास्लिंग इण्टर कालेज पिथौरागढ़ से शुरु करते बुंगाछीना,मुवानी,थल बागेश्वर जिले के घिघारुतोला होते जिलाधिकारी अनुराधा पाल से भेंट की। उन्होंने अपनी यात्रा कार्यक्रम व उद्देश्य से जिलाधिकारी को अवगत कराया । जिलाधिकारी ने उन्हें प्रोत्साहित करते हौसला अफजाई भी की । उन्होंने कहा कि महज 15 साल की उम्र में 600 किलोमीटर दौड़ लगाकर नशे के खिलाफ जनता को जागरुक करना सराहनीय प्रयास है । कृष्णा ने बताया कि यात्रा के दौरान उत्तराखंड के 13 जिलों के 30,000 से अधिक लोगों से मिलकर अपना सन्देश देकर आये हैं। बागेश्वर के बाद राजकीय इण्टर कॉलेज गरुड़ में उन्होंने बच्चों को अपने अभियान की जानकारी दी ।