बागेश्वर, हल्द्वानी और कोटद्वार में होगी मूल निवास स्वाभिमान महारैली

बागेश्वर उत्तरायणी कौथिक में 15 और हल्द्वानी में 28 जनवरी को मूल निवास स्वाभिमान महारैली निकलेगी| इसके बाद कोटद्वार में फरवरी माह में महारैली निकाली जाएगी|


समिति के अनुसार, अपने अस्तित्व और अस्मिता को बचाने के लिए मूल निवासियों को आगे आना चाहिए| संघर्ष समिति ने कोटद्वार के विभिन्न सामाजिक संगठनों, राजनीतिक दलों, पूर्व सैनिकों एवं राज्य आंदोलनकारी के साथ बैठक कर अग्रिम रणनीति पर चर्चा की| इस दौरान फरवरी माह में कोटद्वार में मूल निवास स्वाभिमान महारैली पर सहमति बनी है| जिसकी तिथि समन्वय संघर्ष समिति, कोटद्वार की टीम द्वारा तय होगी|


समन्वय संघर्ष समिति के संयोजक मोहित डिमरी और सह-संयोजक लुशुन टोकरिया के अनुसार, मूल निवास स्वाभिमान आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने का अभियान जारी है| यह उत्तराखंड के हर एक मूल निवासी का आंदोलन है| जब तक उत्तराखंड में हिमाचल की तर्ज पर सशक्त भू-कानून और मूल निवास 1950 लागू नहीं हो जाता यह आंदोलन जारी रहेगा| यह लड़ाई हमारे अस्तित्व, अस्मिता, स्वाभिमान और अपनी सांस्कृतिक पहचान बचाने की है| बाहरी लोग हमारे संसाधनों पर डाका डाल रहे हैं| नौकरियों से लेकर जल, जंगल, जमीन पर बाहरी लोग कब्जा कर चुके हैं| हमें अपना भविष्य सुरक्षित करने के लिए इस लड़ाई को लड़ना होगा|