नैनीताल में दीपावली जैसे त्यौहार में भी सूने है बाजार

इस साल दीपावली से कुछ दिनों पहले आपदा ने उत्तराखंड में ऐसा कहर बरपाया है, कि कुछ जिले अभी तक उस कहर से नहीं निकल पाए है। आपदा के कारण उत्तराखंड में सबसे ज्यादा नुकसान नैनीताल व उसके आसपास के क्षेत्रों में हुआ जहां आज तक परिस्थितियां संभल नहीं पाई है। अभी भी ग्रामीण इलाकों में जाने वाली सड़कें बंद है।

इस साल दीपावली में गर्म पानी व उसके आसपास की बाजार में भी सूनापन छाया हुआ है। कई व्यापारियों के इलेक्ट्रॉनिक सामान शिप्रा नदी में बह गए। दीपावली में हर साल इलेक्ट्रॉनिक चीजों की बिक्री की ज्यादा होती है मगर इस साल शिप्रा नदी का कहर सारे व्यापारियों की इलेक्ट्रॉनिक सामानों को बहा ले गया।

वही हाल ग्रामीणों का भी है, कितने लोगों के सिर से छत छिन गई व कितने ही लोगों ने अपने परिजनों को खो दिया। ग्राम से शहरों में व बाजारों में जाने वाली सड़कें भी अभी तक बंद है। जिसकी वजह से लोग खरीदारी करने बाजार तक नहीं जा पा रहे है। पिछले साल तक जिस हिसाब से बाजारों में भीड़ लगी रहती थी इस साल उसकी 10 फ़ीसदी भी नहीं लगी है। आपदा के कारण दिवाली में भी बाजार व लोगों के जीवन काफी सुने पड़ गए है।

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