
अल्मोड़ा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, जिला अल्मोड़ा के माननीय जिला संघचालक आदरणीय किशन चन्द्र गुरुरानी के आकस्मिक निधन का समाचार मिलते ही संघ परिवार और उनके परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई। उनके निधन को संघ एवं सामाजिक क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। कार्यकर्ताओं और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने उनके निधन पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
गुरुरानी जी बाल्यकाल से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे और जीवन के अंतिम समय तक संघ के कार्य एवं स्वयंसेवकों के प्रति उनका आत्मीय जुड़ाव बना रहा। जिला संघचालक जैसे दायित्व पर रहते हुए भी उन्होंने पद और कार्यकर्ताओं के बीच दूरी नहीं आने दी। सहज व्यवहार, आत्मीयता और प्रत्येक स्वयंसेवक की चिंता उनके व्यक्तित्व की प्रमुख विशेषताएं थीं।
उनके निकट रहने वाले स्वयंसेवक बताते हैं कि वे किसी कार्यकर्ता को केवल संगठनात्मक दायित्व के रूप में नहीं देखते थे, बल्कि उसके व्यक्तिगत सुख-दुःख की भी चिंता करते थे। किसी कार्यकर्ता की समस्या सामने आने पर उसके समाधान के लिए तत्पर रहना और आवश्यकता पड़ने पर उसे साहस देना उनके स्वभाव का हिस्सा था। शाखा कार्य के प्रति भी उनका विशेष लगाव था। सुबह-सुबह शाखा प्रवास के दौरान अपनी शाखा के बाद दूसरी शाखाओं की चिंता करना उनके स्वभाव का हिस्सा था। वे स्वयंसेवकों के बारे में पूछते रहते थे—“आज गए या नहीं गए? कहाँ रह गए?” उनके लिए यह केवल शाखा की उपस्थिति का विषय नहीं था, बल्कि प्रत्येक स्वयंसेवक के प्रति उनकी व्यक्तिगत चिंता को दर्शाता था।
गुरुरानी जी के व्यक्तित्व की एक विशेषता यह भी थी कि वे सहायता के लिए आने वाले व्यक्ति को सहजता से मना नहीं करते थे। बाल स्वयंसेवक से लेकर तरुण, युवा और वरिष्ठ स्वयंसेवकों तक सभी के प्रति उनका समान आत्मीय व्यवहार रहा। इसी कारण अनेक स्वयंसेवक उन्हें केवल जिला संघचालक के रूप में नहीं, बल्कि हितचिंतक, मार्गदर्शक और संरक्षक के रूप में स्मरण करते हैं।
संघ कार्य के साथ-साथ गुरुरानी जी सामाजिक सेवा के क्षेत्र में भी सक्रिय रहे। वे रेडक्रॉस सोसायटी, अल्मोड़ा से जुड़े रहे तथा संस्था के अध्यक्ष के रूप में विभिन्न सेवा गतिविधियों में योगदान दिया। रक्तदान सहित सामाजिक सेवा से जुड़े कार्यक्रमों में भी उनकी सहभागिता रही। संघ के अल्मोड़ा विभाग से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों में भी उनकी सक्रिय उपस्थिति रही।गुरुरानी जी का निधन संघ परिवार के साथ-साथ सामाजिक क्षेत्र के लिए भी एक बड़ी क्षति है। उनके द्वारा दिए गए संस्कार, मार्गदर्शन और सेवा का भाव लंबे समय तक स्वयंसेवकों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे।
शोकाकुल स्वयंसेवकों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने तथा शोकाकुल परिवार और समस्त संघ परिवार को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।





