
बागेश्वर । नाबार्ड की ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि योजना के तहत निर्मित पॉलीहाउसों के माध्यम से उच्च मूल्य वाली फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने हेतु विकास भवन सभागार में शुक्रवार को एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनपद के तीनों विकासखंडों से आए पॉलीहाउस लाभार्थियों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए मुख्य विकास अधिकारी नरेश कुमार ने कहा कि आधुनिक एवं तकनीक आधारित कृषि आज के समय में स्वरोजगार का एक अत्यंत सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि पॉलीहाउस तकनीक को अपनाकर किसान ऑफ-सीजन सब्जियों, व्यावसायिक फूलों तथा अन्य उच्च मूल्य वाली फसलों का गुणवत्तापूर्ण उत्पादन कर अपनी आजीविका और आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान कृषि एवं उद्यान विशेषज्ञों द्वारा कृषकों को पॉलीहाउस प्रबंधन के विभिन्न तकनीकी पहलुओं,उन्नत बीजों का चयन, वैज्ञानिक पोषक तत्व प्रबंधन एवं सूक्ष्म सिंचाई तकनीक,प्रभावी रोग एवं कीट नियंत्रण उपाय, कोल्ड स्टोरेज तथा सुरक्षित भंडारण की विधियां,उत्पादों के बेहतर विपणन की रणनीति पर विस्तृत जानकारी के साथ उद्यान विभाग द्वारा संचालित ‘सचल दल’ की सेवाओं की जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों ने कृषकों को बाजार की मांग के अनुरूप फसलों का चयन कर अधिकतम लाभ अर्जित करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में जिला उद्यान अधिकारी हरीश चंद्र आर्या, कृषि विज्ञान केंद्र बागेश्वर के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. राजकुमार, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी एवं जनपद के प्रगतिशील कृषक उपस्थित रहे।


