अल्मोड़ा:- सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह का भव्य उद्घाटन

सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय का प्रथम दीक्षांत समारोह का आयोजन मुख्य अतिथि रूप में राज्यपाल और विश्वविद्यालय के कुलाधिपति ले. ज. गुरमीत सिंह (से नि) की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि रूप में अल्मोड़ा के विधायक मनोज तिवारी, महापौर अजय वर्मा,
कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट, कुलसचिव डॉ देवेंद्र सिंह बिष्ट उपस्थित रहे।

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समारोह के सफलता के लिए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर धामी,डॉक्टर धन सिंह रावत (माननीय उच्च शिक्षा मंत्री माननीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री, भारत सरकार) ने दीक्षांत समारोह को लेकर शुभकामनाएं भेजी।
सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं राज्यपाल (उत्तराखंड) ने 15 विद्यार्थियों को मैडल प्रदान किये। जिसमें 07 विद्यार्थियों को कुलाधिपति स्वर्ण पदक दिया गया। विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक (स्नातक) के लिए विभिन्न विषयों में 32 और विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक (स्नातकोत्तर) के लिए विभिन्न विषयों में 120 और वोकेशनल पाठ्यक्रम हेतु 17 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक मिले। प्रायोजक मैडल के रूप में 05 विद्यार्थियों को मैडल प्रदान किये गए।
जिनमें भगवती देवी, धर्मपत्नी लाला नन्द किशोर अग्रवाल स्मृति स्वर्ण पदक वाणिज्य विषय में स्नातक स्तर में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाली छात्रा हेतु, शीला देवी, धर्मपत्नी लाला ओमप्रकाश अग्रवाल स्मृति स्वर्ण पदक एल.एलबी० में सर्वोच्च अंक प्राप्तकर्ता छात्रा हेतु, अनीता एवं डॉ० प्रमोद अग्रवाल गोल्डी स्वर्ण पदक बी०एससी० में सर्वोच्च अंक प्राप्तकर्ता छात्रा हेतु, राधादेवी एवं खीम सिंह बिष्ट स्मृति गोल्ड मेडल बी०एड० में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी हेतु, स्व० कुशल सिंह बिष्ट स्मृति गोल्ड मेडल स्नातकोत्तर (वाणिज्य) में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी हेतु हैं।
समारोह में विश्वविद्यालय के विभिन्न विषयों में कुल 48 पीएच.डी. उपाधियां प्रदान की गयी।
समारोह में माननीय कुलाधिपति द्वारा विश्वविद्यालय द्वारा निर्मित किये गए ‘विधि सहयोगी ऐप’, पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के शिक्षक डॉ ललित चंद्र जोशी की पुस्तक ‘पत्रकारिता: संभावनाएं, भविष्य एवं चुनौतियां’ का विमोचन किया गया। साथ ही समारोह में माननीय कुलाधिपति द्वारा मैडल प्रायोजक शिव सिंह बिष्ट, डॉ. प्रमोद कुमार गोल्डी एवं कमल बिष्ट को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं
माननीय राज्यपाल ने दीक्षांत समारोह की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि शिक्षा, मूल्य एवं अनुभव आपके जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने विश्वविद्यालय को लेकर कहा कि इस विश्वविद्यालय को संरचनात्मक रूप से बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। भविष्य में अधिकारियों के साथ मिलकर इस विश्वविद्यालय को बेहतर बनाएंगे। उन्होंने सभागार के नाम को स्वामी विवेकानंद के नाम से रखे जाने पर प्रशंसा व्यक्त की। साथ ही उन्होंने विश्वविद्यालय में स्थापित किए गए स्वामी विवेकानंद-महात्मा गांधी आध्यात्मिक पर्यटन परिपथ अध्ययन केंद्र हैप्पीनेस लैब, हरेला पीठ और लक्ष्मी देवी टम्टा शोध एवं महिला अध्ययन केंद्र की सराहना की। उन्होंने कहा कि की नारी शक्ति ने जो यहां उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है वह इस विश्वविद्यालय के लिए मिल का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि यहां विद्यार्थियों और बालिकाओं में जो जो कॉन्फिडेंस दिखाई दिया है उसको देखकर लगता है कि हम विश्व गुरु बनने की दिशा में अग्रसर हैं। उन्होंने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि आप बड़े सपने देखें। उन्होंने यह भी कहा कि खुली आंखों से सपने देखे, बंद आंखों से नहीं उन्होंने कहा कि कोई भी कार्य को करने के लिए दृढ़ इच्छा शक्ति का होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि लोकल टू ग्लोबल सोच होनी चाहिए।
मुझे बहुत खुशी होती है कि आप बेहतर से बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय के द्वारा निर्मित किए गए विधि सहयोगी एप एवं पत्रकारिता जनसंचार विभाग के शिक्षक डॉ ललित चन्द्र जोशी की पुस्तक पत्रकारिता: संभावनाएं, भविष्य एवं चुनौतियां के विमोचन अवसर पर कहा कि ये दोनों विमोचन हुए कार्यक्रमों से इस विश्वविद्यालय का भविष्य देखा जा सकता है। इस अंदाजा लगाया जा सकता है कि विश्वविद्यालय शोध एवं तकनीकी रूप से बेहतर दिशा में काम कर रहा है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, तकनीक, सूचना प्रौद्योगिकी को लेकर कहा कि ये आपका भविष्य तय करेंगे। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र को ईश्वर ने टूरिज्म का वरदान दिया है उसको बनाए रखने के लिए हमें कार्य करना होगा।
दीक्षांत समारोह के आयोजन और उसकी सफलता के लिए उन्होंने कुलपति प्रोफेसर सतपाल सिंह बिष्ट को बधाइयां दी। उन्होंने कहा कि की कुलपति जी ने यहां विशेष प्रयास किए हैं। उनके दिशा निर्देशन में यह विश्वविद्यालय बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने कहा कि उपलब्धियों को लेकर कह सकता हूँ कि विश्वविद्यालय बेहतर दिशा में अग्रसर है।

कुलपति प्रो.सतपाल सिंह बिष्ट ने स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने विश्वविद्यालय में शोध, संरचना, शिक्षण और अकादेमिक उपलब्धियों की जानकारी दी।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉक्टर देवेंद्र सिंह बिष्ट ने कार्यवाही को संचालित करने के साथ आभार जताया। इस अवसर पर प्रो. एस. ए. हामिद द्वारा किया गया।

कार्यक्रम से पूर्व प्रथम दीक्षांत समारोह का दीप प्रज्ज्वलन के साथ विधिवत शुभारंभ हुआ। राष्ट्रीय गीत,राष्ट्रगीत और कुलगीत के साथ उत्तराखंड की परंपरानुसार शंख ध्वनि, वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ शुभारंभ हुआ।

समारोह में कुलपति प्रो. दीवान सिंह बिष्ट (कुविवि), शोध निदेशक प्रो जगत सिंह बिष्ट, दीक्षांत समारोह संयोजक प्रो डी के भट्ट, विधायक मनोज तिवारी, महापौर अजय वर्मा, वित्त अधिकारी अमित कुमार त्रिपाठी, परीक्षा नियंत्रक प्रो पंकज शाह,प्रो० दीवान सिंह रावत (कुलपति कुमाऊँ विश्वविद्यालय, नैनीताल), प्रो० शिवेन्द्र कुमार कश्यप( कुलपति जी० बी० पन्त विश्वविद्यालय, पन्तनगर),प्रो० तृप्ता ठाकुर (कुलपति वीर माधो सिंह भण्डारी तकनीकी विश्वविद्यालय, देहरादून), प्रो० एस० एस० रावत (पूर्व कुलपति गढ़वाल विश्वविद्यालय), प्रो० पी० डी० पन्त (नामित सदस्य, उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय), प्रो पी डी पंत (कुलपति नामित सदस्य, यूओयू), पद्मश्री बसन्ती देवी, प्रो० अरूण कुमार त्रिपाठी (कुलपति, उत्तराण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय, देहरादून), प्रो दीपेंद्र सिंह, प्रो एम एस रावत, प्रो जुयाल, परिसर निदेशक प्रो. प्रवीण सिंह बिष्ट, डीन एकेडमिक प्रो. ए. के . यादव, प्रो हरीश चंद्र जोशी (संकायाध्यक्ष, कला), प्रो एस के जोशी (संकायाध्यक्ष, विज्ञान), प्रो शेखर चन्द्र जोशी (संकायाध्यक्ष, दृश्यकला), प्रो रिजवाना सिद्दीकी,(संकायाध्यक्ष, शिक्षा), प्रो ए के नवीन,(संकायाध्यक्ष, विधि), डॉ एच आर कौशल (संकायाध्यक्ष, वाणिज्य), डॉ हेम चन्द्र पांडे (निदेशक, LSM परिसर), डॉ महेंद्र राणा, कुलानुशासक डॉ. दीपक सागर, क्रीड़ा प्रभारी लियाकत अली, देवेंद्र पोखरिया, प्रो आर एस पथनी, प्रो अनिल कुमार जोशी, प्रो जीवन सिंह रावत, प्रो वी डी एस नेगी, प्रो जी एस नयाल, प्रो एस एस पथनी, समस्त विभागाध्यक्ष के साथ राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों और शिक्षा संस्थानों के कुलपति, विद्यापरिषद एवं कार्यपरिषद के सदस्यगण, शिक्षक, कर्मचारी, छात्र संघ, महासंघ के समस्त पदाधिकारी, जिला प्रशासन के अधिकारी, मीडिया बंधु और पदक विजेताओं के अभिभावक उपस्थित रहे।

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