
उत्तराखंड राज्य में मकान गणना के लिए पहले दुर्गम क्षेत्र के नक्शे को तैयार किया जा रहा है राज्य के दुर्गम क्षेत्रों में जनगणना शुरू होते ही सबसे पहले नक्शा तैयार किया गया और इससे जनगणना का पहला चरण और भी अधिक आसान हो गया है इसके साथ ही यदि कहीं आपदा जैसे हाल बनते हैं तो संबंधित जिला प्रशासन और एसडीआरएफ की मदद भी दी जाएगी। उत्तराखंड राज्य में पलायन के चलते कई घर खाली हो गए हैं और खाली घरों में भी पंजीकरण अनिवार्य किया जा रहा है तथा इस बार पूरी जनगणना को डिजिटल तरीके से किया गया है जो कि काफी आसान हो गई है।

