

बागेश्वर । जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने शनिवार को कपकोट तहसील अंतर्गत जगथाना मत्स्य जीवी समिति में संचालित ट्राउट मछली पालन परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने क्लस्टर फार्मिंग मॉडल की सराहना करते हुए इसे ग्रामीणों, विशेषकर युवाओं के लिए स्वरोजगार का सशक्त माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन अब क्षेत्र में कृषि के साथ आय का प्रमुख स्रोत बनता जा रहा है और यह स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहा है।
जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक लोगों को इस गतिविधि से जोड़ने के लिए ठोस प्रयास किए जाएं।
मत्स्य अधिकारी मनोज मियां ने बताया कि जनपद में वर्तमान में 20 समितियां मत्स्य पालन से जुड़ी हैं, जो सामूहिक रूप से लगभग ₹70 लाख की आय अर्जित कर रही हैं। जगथाना समिति अकेले प्रतिवर्ष करीब ₹12 लाख का लाभ कमा रही है। यहां 03 समितियों के माध्यम से 30 से अधिक लोग अपनी आजीविका चला रहे हैं। ट्राउट मछली की उच्च मांग के कारण यह लगभग ₹500 प्रति किलोग्राम की दर से बिक रही है, जिससे ग्रामीणों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
उन्होंने बताया कि उत्पादन में वृद्धि के साथ बागेश्वर की ट्राउट मछली का विपणन अब अन्य जनपदों व प्रदेशों में भी हो रहा है, जिससे जिले को नई पहचान मिल रही है।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी आर.सी. तिवारी, अपर जिलाधिकारी एन.एस. नबियाल सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

