
माघ माह की शुरुआत के साथ ही पूजा- पाठ और मांगलिक कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त भी शुरू हो गए हैं। बता दे कि मकर संक्रांति के साथ शुभ कार्यों की शुरुआत हो गई है। इस वर्ष 35 दिन काफी शुभ रहेंगे। जनवरी में 8, फरवरी में 5, मार्च में 4, अप्रैल में दो, जुलाई में 3, नवंबर में 4 और दिसंबर में 5 दिन शादी, मुंडन, नामकरण , जनेऊ आदि धार्मिक कार्यों के लिए काफी शुभ माने गए हैं।
23 अप्रैल से 9 जुलाई तक शुक्रास्त और 27 जुलाई से 23 नवंबर तक चातुर्मास होने से इस बीच अबूझ मुहूर्त पर ही मांगलिक कार्य होंगे। बता दे उत्तराखंड राज्य में विद्घत सभा के अध्यक्ष विजेंद्र प्रसाद ममगाई के मुताबिक उत्तरायण देवताओं का दिन होता है और मकर संक्रांति से धार्मिक तथा शुभ कार्य शुरू हो जाते हैं और 15 जनवरी से मकर संक्रांति की शुभ शुरुआत हो चुकी है। हिंदू धर्म में मकर संक्रांति के पर्व पर गंगा स्नान का भी काफी बड़ा महत्व है। माना जाता है कि मकर संक्रांति पर सूर्य भगवान धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में प्रवेश करते हैं और देश में मकर संक्रांति का अपना विशेष महत्व भी है। यह दिन काफी खास रूप से मनाया जाता है तथा इस दिन को इसलिए भी खास माना जाता है कि जो भी व्यक्ति इस दिन कुछ दान करता है उसे सौ गुणा बढ़कर वापस मिलता है। सूर्य का उत्तरायण होना बेहद ही शुभ माना जाता है और इस दिन गंगा नदी या फिर किसी भी पवित्र जल में स्नान करने का विधान है।

