
पौड़ी| डॉ. बेजावाडा गोपाल रेड्डी (बीजीआर) पौड़ी परिसर के तीन होनहार छात्रों का चयन विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की सारथी (स्टूडेंट एम्बेसेडर फॉर एकेडमिक रिफॉर्म्स इन ट्रांसफॉर्मिंग हायर एजुकेशन इन इंडिया) योजना के लिए हुआ है|
ये होनहार छात्र राजदूत नए छात्रों के बीच जाकर उन्हें नई शिक्षा नीति की तकनीकी जानकारी देंगे|
बता दें, यह पहला मौका है जब परिसर के छात्रों को यूजीसी के इस प्रकार के कार्यक्रम के लिए चुना गया है|
परिसर के वरिष्ठ शिक्षक प्रो. प्रभाकर पी. बडोनी व प्रो. एके डोबरियाल के मुताबिक, नई शिक्षा नीति के तहत सीयूईटी ( कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट) करना सभी इंटरमीडिएट उत्तीर्ण छात्रों के लिए अनिवार्य हो गया है| इस टेस्ट को पास कर कोई भी छात्र मेरिट आधार पर देश की किसी भी व अपने मनपसंद विश्वविद्यालय में प्रवेश ले सकता है, लेकिन नए छात्र जानकारी के अभाव में इस टेस्ट को नहीं दे पा रहे हैं|
यूजीसी से छात्र राजदूत के लिए चयनित छात्र इंटरमीडिएट कॉलेजों में जाकर छात्र-छात्राओं को नई शिक्षा नीति के तहत पाठ्यक्रम चयन करने से लेकर सीयूईटी का फॉर्म भरने आदि की जानकारी देंगे| जिससे छात्रों को भविष्य के लिए कोई दिक्कत ना हो| इससे पहले इन तीन छात्र-छात्राओं को नई शिक्षा नीति की बारीकियां के बारे में पूरा प्रशिक्षण दिया जाएगा|
उन्होंने कहा कि परिसर के छात्र अभिषेक जुगराल, अमन नयाल व छात्रा तांहिया कलिटा का चयन छात्र राजदूत सारथी के रूप में हुआ है, जो नई शिक्षा नीति के दूत बनकर युवाओं को उसकी बारीकियों से अवगत कराएंगे| जिसकी शुरुआत जल्द की जा रही है|

