Uttarakhand- ब्रोकली से इस जिले के लोगों को मिलेगी आजीविका…. पढ़ें पूरी खबर

प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर उत्तराखंड राज्य में अलग-अलग सब्जियां और फलों के वृक्ष उगाने हेतु मौसम अनुकूल है। बता दे कि चंपावत के लोगों को अब पौष्टिक गुणों से भरपूर और स्वादिष्ट सलाद के रूप में उपयोग होने वाली ब्रोकली से आजीविका मिलेगी। ब्रोकली जिले के काश्तकारों की आजीविका का साधन बनेगी इसके लिए कृषि विज्ञान एवं अनुसंधान केंद्र द्वारा काश्तकारों को बीज उपलब्ध कराने के साथ ही इस तकनीक का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। बता दे कि चुनिंदा काश्तकार ही जिले में ब्रोकली पैदा कर रहे हैं और इससे ब्रोकली के उत्पादन के बढ़ने की उम्मीद है। कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी विज्ञानी डॉक्टर अमरेश सिरोही के अनुसार कृषि एवं अनुसंधान केंद्र में विगत 10 वर्षों से ब्रोकली का उत्पादन और प्रदर्शन किया जा रहा है अब यह क्षेत्र के किसानों के लिए आजीविका का साधन बनेगी। कुछ चुनिंदा काश्तकारों को ब्रोकली उत्पादन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है और उन्हें बीच भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक गोभी के मुकाबले ब्रोकली का वजन काफी कम होता है जिसके चलते इस खेती की ओर काश्तकार ध्यान नहीं दे रहे हैं। स्थानीय स्तर पर ब्रोकली की मांग जब बढ़ेगी तो काश्तकार इसका उत्पादन भी बढ़ाएंगे और ब्रोकली के सेवन से होने वाले फायदे की कार्यशाला भी आयोजित की जा रही है। ब्रोकली के एक फूल का अधिकतम वजन 400 ग्राम तक हो सकता है जबकि गोभी का वजन अमूमन डेढ़ से 2 किलो या फिर उससे भी अधिक होता है इसलिए काश्तकार ब्रोकली पर अधिक ध्यान नहीं दे पा रहे हैं मगर जब बाजार में ब्रोकली की मांग बढ़ेगी तो काश्तकार इसकी तरफ ध्यान भी देंगे। ब्रोकली पौष्टिक गुणों से भरपूर होती है और यह सलाद के तौर पर भी खाई जाती हैं इसमें मौजूद रसायन कैंसर से लड़ने में मददगार साबित होते हैं तथा इसमें कैल्शियम, फास्फोरस और आयरन भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है।