उत्तराखंड:- राज्य में चकबंदी हेतु बनाया जा रहा है मॉडल….. चयनित हो सकते हैं यह दो गांव…. पढ़े पूरी खबर

उत्तराखंड राज्य में चकबंदी के लिए विशिष्ट मॉडल बनाया जा रहा है। बता दे कि सरकार किसानों की आय में वृद्धि हेतु आने वाले दिनों में चकबंदी की दिशा में कदम उठाने वाली है। प्रथम चरण में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसके लिए दो गांव चयनित किए जाएंगे और उधम सिंह नगर जिले के कुरैया तथा जगन्नाथपुर गांव इस खांचे के लिए फिट बैठ सकते हैं। इन गांवों में चकबंदी के दृष्टिगत भूमि के अभिलेखीकरण का कार्य पूर्ण हो चुका है और यह गांव चुने जाने की उम्मीद जताई जा रही है। सरकार चकबंदी को वहां के अनुभवों के आधार पर व्यापक स्वरूप देगी। बता दें कि उत्तराखंड राज्य में राज्य गठन के बाद से ही चकबंदी पर जोर दिया जा रहा था लेकिन अब इस मामले में कदम आगे बढ़ाए जाएंगे। चकबंदी के लिए भूमि के अभिलेख समेत अन्य चीजों के लिए कसरत चल रही है और सरकार ने चकबंदी का विशिष्ट मॉडल बनाने की भी ठान ली है। बता दें कि चकबंदी का अर्थ खेत के छोटे-छोटे हिस्सों को मिलाकर एक करना है और पर्वतीय क्षेत्र में जोत छोटी व बिखरी है जिस कारण उनका प्रबंधन नहीं हो पा रहा है। ऐसे में गांव के निवासियों की समस्त भूमि को एक चक मानकर उनका बराबर- बराबर वितरण किया जाता है। इससे खेती एक जगह होने पर उसका बेहतर प्रबंधन होगा और उपज भी अच्छी मिलेगी।

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