उत्तराखंड -: एनओसी देने की प्रक्रिया में पीसीबी ने किया बदलाव, पढ़ें पूरी खबर

एनओसी देने की प्रक्रिया में पीसीबी ने बदलाव कर दिया है| उद्यमियों को पीसीबी से एनओसी लेने के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा| अब तक साल में एक बार मिलने वाली एनओसी दो बार मिल सकेगी|

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बता दें कि अब तक साल में सिर्फ मार्च तक की एनओसी मिला करती थी, लेकिन अब यह दिसंबर तक भी मिल सकेगी| उद्यमियों की सुविधा के लिए उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अपनी ओर से यह कदम उठाया है|


ज्यादातर फैक्ट्रियों को चलाने के लिए पीसीबी से एनओसी लेने की जरूरत होती है| एनओसी देने के लिए पीसीबी ने उद्योगों को तीन किस्म में रेड, ऑरेंज और ग्रीन में बांटा है| रेड किस्म के उद्योगों को 5 साल और ऑरेंज किस्म के उद्योगों को 10 साल और ग्रीन किस्म के उद्योगों को 15 साल के लिए उद्योग चलाने के लिए उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से एनओसी दी जाती है| विशेष परिस्थितियों में पीसीबी सिर्फ 1 साल के लिए भी एनओसी दे सकता है| अब तक यह एनओसी सिर्फ मार्च तक ही वैध होती थी| इसके चलते फैक्ट्री संचालक एक साथ एनओसी के लिए अप्रैल में आवेदन करते थे, लेकिन अब इसके लिए सितंबर तक भी आवेदन कर सकते हैं|