नैनीताल हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से इस मामले में मांगा जवाब……. पढ़ें पूरी खबर

उत्तराखंड राज्य के नैनीताल में स्थित हाईकोर्ट ने जोशीमठ व कर्णप्रयाग के एनटीपीसी प्रोजेक्ट तथा ऋषिकेश और कर्णप्रयाग रेल लाइन तथा चार धाम परियोजना को लेकर राज्य और केंद्र सरकार तथा एनटीपीसी सहित अन्य पक्षकारों से जवाब मांगा है। बता दें कि हाईकोर्ट ने इन मामलों में दायर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति अशोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने बीते मंगलवार को दिल्ली निवासी अजय गौतम की जनहित याचिका पर सुनवाई की। इसमें उत्तराखंड के जोशीमठ में 600 से ज्यादा और कर्णप्रयाग में 50 से ज्यादा घरों में दरार आ चुकी है जो परिवार पीपलकोटी समेत अन्य जगह शिफ्ट किए गए हैं वह सुविधाजनक है या नहीं उन्हें मुआवजा मिला या नहीं और जो परिवारों के साथ गोवंश तथा अन्य पशु बेसहारा हो गए हैं उनकी तरफ ध्यान आकर्षित किया गया है। साथ ही जोशीमठ की आबादी तकरीबन 15 से 20 हजार है जो की यात्रा काल में एक लाख हो जाती हैं मगर वहां कोई भी सीवर सिस्टम नहीं है जिस कारण सीवरेज को गड्ढों में डाला जा रहा है। याचिकाकर्ता की ओर से जोशीमठ और कर्णप्रयाग को बचाने के लिए एक्सपर्ट कमेटी बनाने की मांग की गई है ।इस मामले की अगली सुनवाई 2 अगस्त को नियत की गई है। साथ में याचिका में यह भी बताया गया था कि लगातार ब्लास्टिंग करने से पहाड़ कमजोर हो रहे हैं और यात्रियों के साथ ही स्थानीय लोगों के लिए भी खतरा पैदा हो रहा है इसलिए यहां पर एक्सपर्ट कमेटी की गाइडलाइंस की जरूरत है। जब तक एक्सपर्ट कमेटी गाइडलाइन ना बनाएं तब तक इन परियोजनाओं पर रोक लगाई जाए। न्यायालय ने इस मामले में सभी पक्षकारों को नोटिस जारी किया है और 6 हफ्ते में जवाब की मांग की है।