
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा की तैयारी जोरों पर है| इस दौरान चारधाम यात्रा में हार्टअटैक से होने वाली मौतों को कम करने के लिए एम्स ऋषिकेश में स्क्रीनिंग फॉर्म भरवाने की व्यवस्था को पुख्ता तरीके से लागू करने का सुझाव दिया है|
एम्स के डॉक्टर अभिमन्यू निगम का कहना है कि स्क्रीनिंग फॉर्म में 10 सवालों के जवाब और कुछ प्राथमिक जांच से यात्री के स्वास्थ्य व जोखिम का पता लगाया जा सकता है|
जानकारी के मुताबिक, इस साल यात्रा की शुरुआत से ही पहले पड़ाव पर स्क्रीनिंग की तैयारी की जा रही है|
डॉ अभिमन्यु के अनुसार, लंबी पैदल यात्रा के दौरान ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी होती है, पैदल यात्रा से अचानक शारीरिक तनाव भी बढ़ जाता है, ऐसे में दिल के पुराने रोगी, उच्च रक्तचाप, डायबिटीज, धूम्रपान करने वाले, गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों और 7 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में अटैक की आशंका बढ़ जाती है| कुछ दूर जाने पर सांस फूलना और छाती में दर्द होने पर तत्काल यात्रा स्थगित कर देनी चाहिए|
यात्रा में उच्च जोखिम वाले यात्रियों की पहचान के लिए स्क्रीनिंग फॉर्म में केवल 10 सवालों के जवाब और कुछ जांच की जरूरत होगी| इन 10 सवालों की जवाब देने अनिवार्य होंगे| जिसमें मरीज की उम्र (60 से अधिक उच्च जोखिम), उच्च रक्तचाप, डायबिटीज, धूम्रपान, पारिवारिक इतिहास, पूर्व में हृदयाघात या लकवा का अटैक, सांस फूलना, छाती में दर्द, गंभीर या एक साथ कई बीमारियों से ग्रस्त, अत्यधिक वजन के संबंध में बताना होगा|
साथ ही यात्रियों को ईसीजी, ब्लड प्रेशर और शुगर की जांच करानी अनिवार्य होगी|
अगर दिल, उच्च रक्तचाप और डायबिटीज के मरीज है तो दवा साथ रखें| पल्स ऑक्सीमीटर, ऑक्सीजन सिलेंडर रखें, ठंड से बचाव करें|

