तैयारी -: नकलरोधी कानून में सरकार ने बनाए सख्त प्रावधान, 10 करोड़ जुर्माने के साथ उम्र कैद की सजा

जल्द ही उत्तराखंड में देश का सबसे सख्त नकलरोधी कानून लागू होने वाला है| जिसके तहत नकल माफिया को उम्रकैद तथा 10 करोड़ तक जुर्माना और नकल माफिया से मिलकर नकल कराने वाले अभ्यर्थियों को भी 10 साल तक की जेल का प्रावधान किया गया है| 12 जनवरी से पहले अगर राजभवन इस पर मोहर लगा देता है तो यह कानून पटवारी-लेखपाल भर्ती में भी लागू होगा|

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बता दें कि इस कानून के तहत अगर कोई व्यक्ति परीक्षा केंद्र के प्रबंधन तंत्र, कोचिंग संस्थान, प्रिंटिंग प्रेस, परीक्षा के आयोजन से जुड़े लोग पेपर लीक या अनुचित साधनों में शामिल पाए जाते हैं तो उन्हें आजीवन कारावास और 10 करोड़ रुपए तक के जुर्माने की सजा होगी| और अगर कोई परीक्षार्थी नकल करते हुए पकड़ा गया तो उसे 3 साल की जेल और कम से कम पांच लाख के जुर्माने की सजा मिलेगी और वही अभ्यर्थी अगर दोबारा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में दोषी पाया जाता है तो उसे 10 साल का कारावास मिलेगा और कम से कम 10 लाख का जुर्माना|
इसके अलावा अगर कोई अभ्यर्थी नकल करते हुए पाया जाता है तो आरोपपत्र दाखिल होने की तिथि से 2 से 5 साल के लिए उस पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा| दोष सिद्ध होने पर 10 साल के लिए सभी प्रतियोगी परीक्षाओं से बाहर कर दिया जाएगा| अगर परीक्षार्थी दोबारा नकल करते हुए पाया गया तो उसे 5 से 10 साल सजा के साथ ही आजीवन सभी प्रतियोगी परीक्षाओं से बाहर कर दिया जाएगा|
साथ ही प्रदेश में अब नकल का अपराध संज्ञेय, गैर जमानती और अशमनीय बन जाएगा और नकल माफिया अनुचित साधनों का इस्तेमाल कर जो भी संपत्ति अर्जित करेगा उसे सरकार कुर्क कर लेगी|