
नई दिल्ली| भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) में लंबे संघर्ष के बाद सत्ता परिवर्तन हुई है| 1984 के लॉस एंजिलिस ओलंपिक में 400 मीटर बाधा दौड़ में सेकंड के सौवें हिस्से में कांस्य पदक से चूकने वाली उड़नपरी पीटी उषा निर्विरोध आईओए की पहली महिला अध्यक्ष चुनी गई|
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बता दें कि महासचिव का पद अब खत्म हो गया है| उसकी जगह एक माह में सीईओ का चयन होगा|
अध्यक्ष पद संभालने के बाद उषा ने कहा कि उनके मन में यह कभी विचार नहीं आया था कि वह 1 दिन आईओए के अध्यक्ष और सांसद बनेंगी| उनकी कोशिश रहेगी कि खिलाड़ियों को समस्याओं के लिए इधर-उधर न भटकना पड़े| आईओए के दरवाजे उनके लिए सीधे खुले हुए हैं|

