बड़ी खबर-: कोरोना की तीसरी खुराक को लेकर सरकार लेगी नया फैसला, जल्द बदलेगी नीति

जल्द ही केंद्र सरकार कोरोना वैक्सीन की तीसरी खुराक बूस्टर पूरा को लेकर बनाई गई अपनी नीति पर फिर से विचार करके इसे बदल सकती है| सरकार को ऐसा इसलिए करने की जरूरत हो रही है क्योंकि वैज्ञानिकों को इस बात को मानते हैं और उन्हें संदेह है कि तीसरी खुराक कुछ विशेष आयु वर्ग के लोगों को सुरक्षा प्रदान करने में नाकाम रह सकती है|

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एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मौजूदा नीति के अनुसार सरकार के राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के तहत तीसरे या बूस्टर खुराक दी जा सकती है परंतु सरकार की ओर से तय मानदंड के अनुसार यह स्वास्थ्य कर्मियों और 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को सह-रुग्णता के साथ एहतियाती खुराक दी जा सकती है| कहा कि उन्हें सभी को बूस्टर खुराक देने को लेकर एक बार फिर से विचार करना होगा| इस नीति पर विचार करना होगा|
दूसरे देशों के उदाहरण हमारे सामने हैं जिन्होंने बूस्टर डोज दी, उसके बावजूद भी वहां कोरोना के मामले नहीं घटे| ऐसे में हम आंख बंद कर दूसरे देशों से जो किया वैसा ही नहीं करेंगे| हमें अपने स्थानीय स्तर पर महामारी से जुड़ी परिस्थितियों और विज्ञान को देखना होगा और उनके आकलन के आधार पर निर्णय लेना होगा|
टीकाकरण पर बने राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह और डब्ल्यूएचओ की एक बैठक हुई| जिसमें बूस्टर डोज की मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई| डब्ल्यूएचओ और एनटीएजीआई के सदस्यों के अनुसार वैज्ञानिकों ने बूस्टर डोज लेने वाली देशों के आंकड़ों और कोरोना मामलो का तुलनात्मक आकलन किया| देश से बाहर किए गए कुछ अध्ययनों से पता चला है कि बूस्टर सार्स-कोव2 के खिलाफ अधिक सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं| ऐसे अध्ययन भी है जो प्रारंभिक निष्कर्ष में तीसरी खुराक के कुछ ही हफ्तों तक एंटीबॉडी के विषय में गिरावट दिखाते हैं| इस पर कहां जा रहा है कि एक ऐसा टीका विकसित किया जाए जो न केवल इस गंभीर बीमारी को बल्कि वायरस के संक्रमण को फैलने से भी रोक सके| ताकि हम इसकी सामुदायिक प्रसाद से बच सकें|