
राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन, जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार, राज्य स्वच्छ गंगा मिशन (नमामि गंगे) उत्तराखण्ड तथा योग विज्ञान विभाग, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा के संयुक्त तत्वावधान में संचालित “आओ हम सब योग करें” अभियान का तेरहवाँ दिन अत्यंत उत्साह, ऊर्जा एवं जनसहभागिता के साथ सम्पन्न हुआ। 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की थीम “स्वास्थ्य, ज्ञान व विश्व शांति के लिए योग” के अंतर्गत चल रहे इस अभियान के माध्यम से उत्तराखण्ड सहित देश के विभिन्न राज्यों में निःशुल्क योग शिविरों का सफल संचालन किया जा रहा है।
अभियान के तेरहवें दिन भी विभिन्न योग केंद्रों पर बड़ी संख्या में महिलाओं, युवाओं, बच्चों एवं वरिष्ठ नागरिकों ने प्रतिभाग कर योगाभ्यास किया। प्रतिभागियों को आसन, प्राणायाम, मुद्रा, बंध, ध्यान एवं भक्ति योग का नियमित अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षुओं द्वारा लोगों को योग के वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक पक्षों की जानकारी देते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
योग विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. नवीन चंद भट्ट ने कहा कि योग भारत की सनातन ज्ञान परंपरा का अमूल्य उपहार है, जो आज सम्पूर्ण विश्व को स्वास्थ्य, संतुलन और शांति का मार्ग दिखा रहा है। उन्होंने कहा कि “आओ हम सब योग करें” अभियान केवल योग प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को स्वस्थ, जागरूक और संस्कारित बनाने का एक जन-आंदोलन है। उन्होंने बताया कि योग के माध्यम से लोग न केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ हो रहे हैं, बल्कि मानसिक तनाव, चिंता एवं अवसाद जैसी समस्याओं से भी राहत प्राप्त कर रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि नमामि गंगे और योग दोनों ही भारतीय संस्कृति के जीवन मूल्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं। जिस प्रकार गंगा मानव जीवन को निर्मलता का संदेश देती है, उसी प्रकार योग मन, शरीर और आत्मा को शुद्ध कर जीवन में संतुलन स्थापित करता है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से इस अभियान से जुड़ने एवं योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
अभियान के अंतर्गत मुरादाबाद, लखनऊ, दिल्ली कैंट, फतेहगढ़, बागेश्वर, रानीखेत, बराकोट, लोहाघाट, धौलादेवी, खत्याड़ी, धारानौला, कर्नाटक खोला, दुगालखोला, विवेकानंद पुरी, नंदा देवी क्षेत्र, श्यालीधार, पलना बैंड तथा उत्तराखण्ड एवं उत्तर प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में प्रशिक्षुओं द्वारा नियमित रूप से निःशुल्क योग शिविर संचालित किए जा रहे हैं।
योग शिविरों में प्रतिभागियों ने बताया कि नियमित योगाभ्यास से कमर दर्द, गर्दन दर्द, सिरदर्द, तनाव, अनिद्रा तथा अन्य सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं में लाभ प्राप्त हो रहा है। साथ ही उनमें आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच एवं कार्यक्षमता का भी विकास हो रहा है।
अभियान के सफल संचालन एवं निरीक्षण हेतु डॉ. नवीन चंद भट्ट, डॉ. लल्लन कुमार सिंह, डॉ. गिरीश अधिकारी तथा शोधार्थी दीपक सिंह एवं रक्षित पांडे निरंतर विभिन्न योग शिविरों का निरीक्षण कर प्रशिक्षुओं का मार्गदर्शन कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2015 से संचालित “आओ हम सब योग करें” अभियान आज एक व्यापक जन-जागरूकता आंदोलन का रूप ले चुका है। 21 मई से 21 जून तक चलने वाले इस विशेष अभियान के माध्यम से हजारों लोग योग, स्वास्थ्य, गंगा स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं भारतीय संस्कृति के मूल्यों से जुड़ रहे हैं।


