
बागेश्वर । आकांक्षी विकासखंड कपकोट में ग्राम्य विकास विभाग द्वारा जडी-बूटी, पुष्प, सगन्ध पौध उत्पादन, उद्यान एवं कृषि से जुडे किसानों के लिए जागरुकता कार्यशाला/गोष्ठी का आयोजन किया। कार्यशाला का शुभारम्भ क्षेत्रीय विधायक सुरेश गडिया, ब्लॉक प्रमुख गोबिन्द सिंह दानू, एवं सीडीओ आरसी तिवारी द्वारा संयुक्त्त तौर पर दीप प्रज्जवलित कर किया गया।
जागरूकता कार्यशाला गोष्ठी में उन्नतशील किसानो को जडी-बूटी शोध संस्थान गोपेश्वर, कृषि, उद्यान, विवेकानन्द कृषि अनुसंधान केंद्र काफलीगैर, भेषज संघ, लीड बैंक, जिला उद्योग केंद्र एवं ग्राम्य विकास एवं रीप ने अपने-अपने विभागों की जानकारी दी। इस दौरान स्कंद पौध एवं कुटकी पर काश्तकार विजय रजवार, भवान दानू , दया दानू, लीला साही एवं बीना मेहता ने भी अपने अनुभव साझा किए।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए विधायक सुरेश गडिया ने किसानों से स्कंद पौध व औषधीय पौध हेतु संयुक्त क्लस्टर लेवल वाली खेती अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि धनराशि की किसी भी विभाग से कमी नही रहेगी। सरकार किसानों के हित मे कई कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है, जिसका लाभ किसानों को अवश्य लेना चाहिए। ब्लॉक प्रमुख गोविंद सिंह दानू ने कहा कि कपकोट क्षेत्र अधिकांश उच्च हिमालयी है, जो प्राकृतिक वन सम्पदा का खजाना है। स्वरोजगार अपनाने और आत्मनिर्भर बनने के लिए बहुत सारी संभावना है। जिसका लाभ अवश्य लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग एवं उद्यान विभाग के द्वारा 80 प्रतिशत अनुदान के माध्यम से किसानों को कृषि यन्त्र, पॉली हाउस , कीवी एवं एप्पल उत्पादन में मिलता है, इसका लाभ निश्चित तौर पर किसानों को लेना चाहिए। उन्होंने कहा सरकार की मंशा है कि सबका साथ सबका विकास तभी संभव हो पाएगा जब अंतिम छोर में बसे व्यक्ति को विकास के माध्यम से मुख्य धारा से जोड़ा जाएगा। उन्होंने सभी से स्व रोजगार अपनाने की अपील की।
मुख्य विकास अधिकारी आरसी तिवारी ने सभी से सरकार की योजनाओं का लाभ लेने को कहा। उन्होंने कपकोट क्षेत्र में जड़ी बूटी उत्पादन के लिए अपार संभावनाएं बताते हुए किसान गोष्ठी का लाभ लेते हुए आजीविका संवर्धन हेतु जड़ी बूटी उत्पादन के लिए आगे आने को कहा। कार्यक्रम का संचालन बीडीओ ख्याली राम ने किया।
इस अवसर पर परियोजना निदेशक शिल्पी पंत, डीडीओ विम्मी जोशी, डीएचओ आरके सिंह सहित अन्य विभागों के अधिकारी व महिला समूह की महिलाएं एवं उन्नतशील किसान मौजूद थे।

