
उत्तराखंड राज्य में समान नागरिक संहिता का प्रारूप तैयार करने वाली समिति का कार्यकाल बढ़ा दिया गया है। बता दे कि प्रारूप तय करने के लिए गठित विशेषज्ञ समिति का कार्यकाल 4 माह के लिए बढ़ाया है गया है जिसके लिए शासनादेश जारी हो चुका है।
मध्य प्रदेश व राजस्थान के दौरे से लौटने के बाद बीते शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मामले में आदेश जारी कर दिए। 2022 में जस्टिस रंजन प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित की गई समिति का कार्यकाल तीसरी बार बढ़ा दिया गया है। पिछले वर्ष विधानसभा चुनाव के दौरान राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समान नागरिक संहिता लागू करने का वादा किया था और अपने दूसरे कार्यकाल की पहली बैठक में उन्होंने इसका प्रारूप तैयार करने के लिए समिति के गठन का ऐलान किया जिसके बाद 27 मई 2022 को समिति का गठन कर दिया गया और अब तक समिति का कार्यकाल तीसरी बार बढ़ाया जा चुका है और अब इस कानून के प्रारूप को समिति अंतिम रूप देने में जुटी है। आगामी 27 सितंबर को समिति का कार्यकाल खत्म होने जा रहा है इसलिए इसे बढ़ाया गया है और इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं।

