
नई दिल्ली। आज दिनांक 27 अगस्त 2023 को रविवार के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता को संबोधित किया। उन्होंने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के तहत कुछ बातें जनता के सामने रखी। प्रधानमंत्री का कहना था कि सावन महाशिव, उत्सव और उल्लास का महीना है। चंद्रयान की सफलता ने इस उत्सव के माहौल को कई गुना अधिक बढ़ा दिया है। चंद्रयान को चंद्रमा पर पहुंचे 3 दिन से अधिक समय हो रहा है और यह सफलता देश के लिए इतनी बड़ी है कि इसकी जितनी चर्चा की जाए उतना कम है। इस दौरान उन्होंने अपनी लिखी हुई कविता भी सुनाई। उन्होंने अपनी कविता की पंक्तियों को सुनाते हुए कहा कि “आसमान में सिर उठाकर,
घने बादलों को चीरकर,
रोशनी का संकल्प ले,
अभी तो सूरज उगा है।
दृढ़ निश्चय के साथ चलकर ,
हर मुश्किल को पार कर घने बादलों को चीरकर,
अभी तो सूरज उगा है”।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि चंद्रयान मिशन का एक पक्ष ऐसा भी रहा है जिसकी आज मैं चर्चा करना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि इस बार मैंने लाल किले से कहा कि हमें महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास को राष्ट्रीय चरित्र के रूप में सशक्त करना है जहां महिला शक्ति का सामर्थ्य जुड़ जाता है वहां असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है और भारत का मिशन चंद्रयान एक नारी शक्ति का जीवंत उदाहरण है। इस मिशन में अनेकों महिला वैज्ञानिक और इंजीनियर सीधे तौर पर जुड़ी रही तथा उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं। साथ में उन्होंने अभी कहा कि भारत की बेटियां अनंत समझे जाने वाले अंतरिक्ष को भी चुनौती दे रही हैं और जिस देश की बेटियां इतनी आकांक्षी हो उस देश को विकसित बनने से कौन रोक सकता है। इस तरह उन्होंने अपनी कई बातों से जनता को संबोधित किया।

