गणतंत्र दिवस 2023 -: आज कर्तव्य पथ पर उत्तराखंड की झांकी में ऐपण से रूबरू होगा पूरा देश

आज गणतंत्र दिवस की परेड में पूरा देश उत्तराखंड की लोककला ऐपण देखेगा| जब उत्तराखंड की झांकी कर्तव्य पथ पर निकलेगी तो ऐपण की चौकियों व बेलों के चटक रंग पूरे देश को आकर्षित करेंगे और लोग इस लोककला को जानेंगे|

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बताते चलें कि इस झांकी में कार्बेट नेशनल पार्क में विचरण करते हुए बारहसिंघा, घुरल, हिरन के अलावा अल्मोड़ा का जागेश्वर मंदिर समूह दिखाया गया है| साथ ही ऐपण गर्ल के नाम से मशहूर रामनगर निवासी मीनाक्षी खाती के निर्देशन पर मंदिर के किनारों को ऐपण की बेलों से सजाया गया है| उन्होंने कहा कि इस बार गणतंत्र दिवस के दिन बसंत पंचमी का त्यौहार भी मनाया जाएगा इसी को ध्यान में रखते हुए झांकी में बेलों के साथ सरस्वती चौकी भी बनाई गई|
परेड की फुल ड्रेस रिहर्सल के साथ झांकी के अग्रभाग में लिखे ‘उत्तराखंड’ को वसोधारा ऐपण से सजाया गया| इसमें कुमाऊं के पारंपरिक छोलिया नृत्य और बेडू पाको की धूल भी शामिल है| मिली जानकारी के अनुसार सूचना विभाग के निदेशक केएस चौहान के नेतृत्व में उत्तराखंड से 18 कलाकारों को इस झांकी में शामिल किया गया है|
बताते चलें कि वसोधारा ऐपण का निर्माण मुख्यतः हवन कुंडों या पूजा की जगहों पर किया जाता है| इसके अलावा घर के अंदर प्रवेश करने वाली देहली पर यह आदर सत्कार और खुशहाली का प्रतीक है| इस ऐपण में गेरू पय विस्वार से विषम संख्याओं में पंक्तियों का निर्माण किया जाता है| इसके चित्रण के बिना कोई भी ऐपण अधूरा बना जाता है| ऐपण कुमाऊं की गरिमापूर्ण और समृद्ध परंपरा है| इसे गेरू यानी लाल मिट्टी जो पानी के घोल से तैयार की जाती है और विस्वार जो चावल के आटे का घोल होता है, से अलग-अलग बेलें और चौकियां बनाई जाती है| सभी धार्मिक अनुष्ठानों, नामकरण संस्कार, विवाह, जनेऊ आदि समारोह की शुरूआत ऐपण बनाकर ही की जाती है| ऐपण को सकारात्मक और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है|