
उत्तराखंड राज्य के जोशीमठ में जगह-जगह पानी की धाराएं फूट रही हैं और तबाही के संकेत मिल रहे हैं। ऐसे में अधिकारियों द्वारा छानबीन भी की जा रही है। जोशीमठ में जमीन धंसने लगी है और घरों की दीवारों पर दरारें आ गई हैं। इस मामले में संबंधित अधिकारियों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं तथा टीम द्वारा स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उन्हें हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया गया है। बता दें कि बीते मंगलवार को जोशीमठ के निवासियों ने चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर राज्य सरकार ने तत्काल उनके पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू नहीं की तो वे लोग आंदोलन के लिए सड़कों पर उतरेंगे और अब जोशीमठ में दरार वाले घरों की संख्या बढ़कर 600 से अधिक हो गई है और लोगों में दहशत का माहौल है। मकानों के शीशे चटकने लगे हैं और ऐसे में लोगों ने सड़क के किनारे राते काटी है। जोशीमठ में धीरे-धीरे शहर के डूबने की आशंका के मद्देनजर लोगों को। मदद का आश्वासन दिया गया है भू- वैज्ञानिकों, राज्य आपदा राहत बल, अग्निशमन सेवा और स्थानीय पुलिस की टीम के साथ अपर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने मारवाड़ी, मनोहर बाग और सिंहधार वार्ड में स्थित घरों और भूमि का वहां जाकर निरीक्षण भी किया। जोशीमठ में जमीन से पानी निकालने लगा है और मकानों में बड़ी- बड़ी दरारें देखी जा रही हैं।

