
उत्तराखंड राज्य के हरिद्वार से एक ऐसी खबर सामने आई है जहां पर बैंक्वेट हॉल मालिक के नाबालिग बेटे ने खुद के अपहरण का ड्रामा रचा। नाबालिक ने यह ड्रामा ट्यूशन जाने से बचने के लिए रचा। बता दें कि दिनदहाड़े पुलिस को अपहरण की सूचना मिली जिससे पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने आनन-फानन में अपहरणकर्ताओं की तलाश की जिसके चलते पुलिस ने कई सीसीटीवी कैमरे खंगाले और संदिग्धों की चेकिंग की। घंटों दौड़ भाग करने पर पुलिस के सामने सच आया। दरअसल नाबालिक का कोई भी अपहरण नहीं हुआ था बल्कि उसने ट्यूशन से बचने के लिए झूठी कहानी बनाई थी। जानकारी के अनुसार पीठ बाजार निवासी अनुराग झा ज्वालापुर में तीन बैंक्वेट हॉल चलाते हैं और उनका एक 11 वर्षीय बेटा देव रोजाना घर से कुछ दूरी पर ट्यूशन पढ़ने के लिए जाता है। उस दिन भी वह साइकिल पर ट्यूशन पढ़ने के लिए निकल गया तथा कुछ देर बाद देव घर आया और उसने बताया कि दो अलग-अलग दोपहिया वाहन सवार चार युवकों ने उसे रोक लिया और बाइक में बैठा कर उसकी साइकिल छीन ली। जिसके बाद कुछ दूर चलने पर एक साधु वेशधारी को देखकर उन युवकों ने बाइक रोकी और उसके पैर छूने लगे तभी मौका पाकर वह वहां से भाग निकला मगर यह कहानी पूरी तरीके से फर्जी थी। पुलिस द्वारा छानबीन करने के बाद मामला साफ हो गया और पुलिस को पता चला कि छात्र के घरवाले ट्यूशन जाने पर जोर देते थे तथा इससे बचने के लिए छात्र ने अपने ही अपहरण की कहानी बनाई।

