
उत्तराखंड राज्य के अंतर्गत टनल हादसे में फंसे श्रमिकों को बाहर निकालने का कार्य सुरंग के अंदर से भी होगा। बता दे कि यदि कोई भी योजना सफल नहीं हुई तो सुरंग के भीतर से ही श्रमिकों द्वारा अंतिम विकल्प के तौर पर बाहर निकालने के प्रयास शुरू किया जा सकता हैं।
यद्यपि इस योजना को अंतिम विकल्प के तौर पर रखा गया है। सुरंग के भीतर सर्वेयर समेत 3 से 4 विशेषज्ञ हैं जो इस कार्य को अंजाम देने में सक्षम है। इस विषय में उनके बचाव कार्यों में लगे विशेषज्ञो से बातचीत भी हो चुकी है और श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए वर्तमान समय में कई विकल्पों पर कार्य चल रहा है यह सभी विकल्प विशेषज्ञ एजेंसियां श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए अपना रही है और बैकअप के तौर पर अन्य विकल्प भी रखा गया है जिसमें सुरंग के भीतर श्रमिक ही भीतर से स्वयं के बचाव के लिए रास्ता बनाएंगे। बता दे कि सुरंग के भीतर जितने भी श्रमिक फंसे हैं उनमें कई विशेषज्ञ भी शामिल हैं। सुरंग के भीतर जेसीबी समेत अन्य आवश्यक उपकरण है जिससे सुरंग बनाने का कार्य हो सकता है और इससे बाहर निकालने का रास्ता बनाया जा सकता है। श्रमिक जो अंदर फंसे हैं उनमें कई ऐसे विशेषज्ञ हैं जिन्हें मशीन चलाने से लेकर सुरंग की खदान के विषय में अच्छी जानकारी है इसलिए वह इस कार्य को अंजाम दे सकते हैं।

