
विश्व का सबसे प्रसिद्ध धार्मिक मेला महाकुंभ की शुरुआत पौष पूर्णिमा के साथ हो गई है। महाकुंभ के पहले स्नान को लेकर श्रद्धालुओं में काफी उत्साह है बच्चे, बूढ़े, महिलाएं आस्था की डुबकी लगाने के लिए गंगा मैया के गीत गाते हुए संगम पहुंच रहे हैं और वहां पर आस्था की डुबकी लगा रहे है। यह महाकुंभ 45 दिनों तक चलेगा। समुद्र मंथन के दौरान निकले कलश से चंद अमृत की बूंदों से युगों पहले कुंभ स्नान की परंपरा शुरू हुई थी और इसका आगाज आज सोमवार को हो गया है। दुनिया भर के धार्मिक आयोजनों में यह सबसे बड़ा मेला है जो कि आगामी 26 फरवरी तक चलेगा। विदेशी श्रद्धालुओ ने भी यहां आकर आस्था की डुबकी लगानी शुरू कर दी है। पूर्णिमा के शुभ अवसर पर शाही स्नान के साथ ही महाकुंभ का शुभारंभ हो गया है। प्रयागराज में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ चुकी है। इस बार 144 वर्षों के बाद महाकुंभ का ऐसा योग बन रहा है और यह महाकुंभ काफी पुण्य देने वाला है तथा हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने यहां पहुंचना शुरू कर दिया है।

