Uttarakhand-सशक्त भू- कानून लागू करने की तैयारी में जुटी धामी सरकार…… पढ़ें पूरी खबर

उत्तराखंड राज्य में सशक्त भू कानून लागू करने को लेकर धामी सरकार तेजी से कदम आगे बढ़ा रही है। बता दे कि राज्य में सशक्त भू कानून लागू करने की मांग उठ रही है और इसे देखते हुए सरकार भी कानून को सख्त बनाने के उद्देश्य से कदम आगे बढ़ा रही है। इस उद्देश्य से पूर्व में गठित समिति की रिपोर्ट के परीक्षण को उच्च स्तरीय प्रारूप समिति ने कार्य प्रारंभ कर दिया है और राज्य में जिस प्रयोजन के लिए भूमि खरीदी जाएगी उसका उपयोग तय समयाअवधि के भीतर सुनिश्चित हो इस बात की ओर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

इसके अलावा भूमि खरीद से पहले क्रेता और विक्रेता दोनों का सत्यापन करने के साथ ही खरीद का उचित कारण भी बताया जाना जरूरी होगा। राज्य में लागू 12.5 एकड़ की सीलिंग को खत्म करते हुए सरकार नई व्यवस्था को अधिक कड़ा बनाने पर विचार कर रही है और इन दिनों भू कानून का मुद्दा राज्य में गरमाया हुआ है। उत्तराखंड राज्य जब से अस्तित्व में आया है तब से यह मांग उठने लगी थी और अब प्रदेश सरकार भी इसे लेकर तेजी से कदम आगे बढ़ा रही है। वर्ष 2002 में नारायण दत्त तिवारी के नेतृत्व वाली पहली निर्वाचित सरकार ने भू कानून को कड़ा बनाने की पहल की थी। अब धामी सरकार इस दिशा में तेजी से प्रयास कर रही है। पिछले वर्ष मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भू कानून को सख्त बनाने के उद्देश्य से पूर्व मुख्य सचिव सुभाष कुमार की अध्यक्षता में समिति का गठन भी किया था और समिति ने सितंबर माह में भू कानून से संबंधित प्रावधानों में संशोधनों का अध्ययन करते हुए अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी। इसमें 23 संतुतिया की गई समिति ने संतुतिया करी कि कृषि अथवा और दैनिक प्रयोजन से की गई भूमि खरीद की अनुमति का दुरुपयोग हो रहा है। ऐसे में इसकी अनुमति डीएम के बजाय शासन से दी जाने के लिए कहा गया।