
उत्तराखंड राज्य के रुद्रपुर में 5 दोषियों को कांस्टेबल की हत्या और एक अन्य सिपाही पर जानलेवा हमला करने के मामले में तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुना दी है। जानकारी के मुताबिक यह मामला दिसंबर 2015 का है। उस समय रात को चोरी की सूचना मिलने के बाद कॉन्स्टेबल जितेंद्र कुमार गश्त पर रहे तथा बसंत बोरा ने बैरियर गिराकर बदमाशों को पकड़ने की कोशिश की पर पिकअप से टक्कर मारकर बदमाशों ने बैरियर तोड़ दिया और बिलासपुर की ओर भाग निकले। दोनों पुलिसकर्मियों ने बाइक से पीछा किया और पिकअप जब यूपी सीमा में गई तो दोनों लौट आए। बाद में बदमाशों ने पिकअप वापस लेते हुए दोनों की बाइक में पीछे से टक्कर मार कर उन्हें घायल कर दिया और उसके बाद अस्पताल में बसंत बोरा को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस मामले में कॉन्स्टेबल जितेंद्र कुमार ने मुकदमा दर्ज करवाया था जिसकी सुनवाई अब हुई है। न्यायाधीश ने पांचों अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए हत्या की धारा में आजीवन कारावास और ₹16000 अर्थदंड की सजा दी है। धारा 395 में 10 वर्ष कारावास व 5 हजार अर्थदंड, धारा 307 में 7-7 वर्ष कारावास और ₹5000 अर्थदंड की सजा सुनाई गई है और इस मामले में भूरा नामक आरोपित को धारा 412 में 10 वर्ष का कठोर कारावास तथा 5000 रूपए जुर्माने की सजा अलग से सुनाई गई है। सुनवाई के दौरान पुलिस द्वारा 15 गवाह पेश किए गए। इस मामले में हत्या के दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।

