
उत्तराखंड हाईकोर्ट के फैसले के बाद नैनीताल की सड़कों से बाइक टैक्सी गायब हो गई है। बाइक टैक्सी की संख्या के बढ़ने के बाद सरोवर नगरी में जाम की समस्या पैदा हो रही थी। हालांकि पयर्टकों के लिए बाइक टैक्सी एक शानदार विकल्प थी। कम पैसे खर्च कर वे नैनीताल व अन्य स्थानों की सैर कर रहे थे। हाईकोर्ट ने बीते दिनों दिए अपने एक आदेश में नैनीताल में टैक्सी बाइक के संचालन पर रोक लगा दी है। इसके बाद से परिवहन विभाग और पुलिस ने चैकिंग अभियान शुरू कर दिया है।
बता दें कि वर्ष 2007-08 में तत्कालीन कुमाऊं आयुक्त एस राजू ने गोवा की तर्ज पर बाइक टैक्सी को शुरू कराया था। करीब 10-12 वर्षों तक तो 2-3 बाइक टैक्सी नैनीताल में थी, लेकिन 2-3 साल में ये संख्या 1000 के पार हो गई। साल 2017 में हाईकोर्ट ने नैनीताल में नए टैक्सी परमिट को बैन कर दिया था, फिर राज्य सरकार 2020 में टैक्सी बाइक योजना लेकर आई|
इसके बाद नैनीताल शहर में कई युवाओं ने टैक्सी कारोबार किया हालांकि उनके परमिट पर बाइक के नैनीताल में बैन होने की बात दर्शायी कई थी| लेकिन फिर भी टैक्सी बाइक का संचालन नैनीताल में हो रहा था।

