
वर्तमान समय में चंद्रयान- 3 के चलते दुनिया में चांद काफी चर्चा का विषय बन चुका है और ऐसे समय में सुपर ब्लू मून जैसी घटना भी सभी को आकर्षित कर रही है। गुरुवार को आसमान में सुपर ब्लू मून दुर्लभ छटा बिखरी और खास बात यह है कि यह चांद नीला नहीं बल्कि चमकीला नजर आया। आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान के वरिष्ठ खगोल विद डॉ. शशिभूषण पांडेय के अनुसार यह सुपरमून असाधारण है और इस माह की शुरुआत तथा अंत दोनों सुपरमून से होने जा रहा है।
बता दें कि पहला सुपर मून 1 अगस्त को हुआ था और अगला 31 अगस्त की रात को रोशनी देगा। पूर्णिमा का यह चांद काफी बड़ा और चमकीला होगा इसलिए इस सुपर मून को ब्लू मून नाम दिया गया है। बता दें कि आकार में यह 14% अधिक बड़ा नजर आएगा और आसमान में चांद की ऊंचाई 7% अधिक होगी तथा डॉक्टर पांडेय के अनुसार जिस वर्ष 12 महीने में 13 पूर्ण चंद्रमा होते हैं तब सुपर ब्लू मून होता है। पिछली बार ऐसा 2009 में हुआ था और अगली बार यह घटना जनवरी 2037 में देखने को मिलेगी। बता दे कि यह खगोलीय घटना तब घटित होती है जब पृथ्वी के करीब चंद्रमा आता है और अन्य दिनों की अपेक्षा चंद्रमा बड़ा दिखाई देता है तथा चमकदार नजर आता है इसलिए इसे सुपर मून कहा जाता है।

